फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रमोशन में आरक्षण के फैसले पर भड़के सामान्य व पिछड़े वर्ग के कर्मचारी, घमासान के लिए तैयार

Sun, 17 Jun 2018 10:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन

प्रमोशन में आरक्षण देने के केंद्र सरकार के शुक्रवार के फैसले पर सामान्य और पिछड़े वर्ग के कर्मचारियों में नाराजगी व्याप्त है। प्रमोशन में आरक्षण के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय तक लड़ाई लड़ चुकी सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के नेताओं ने शुक्रवार रात बयान जारी कर सरकार से आदेश वापस लेने का मांग की है। समिति ने कहा कि केंद्र सरकार बाज न आई तो उसे इसका नतीजा भुगतना पड़ेगा।

विज्ञापन


उधर, प्रमोशन में आरक्षण की बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति भी केंद्र सरकार के इस फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। समिति ने बयान जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश में आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3 (7)15 नवंबर 1997 को बहाल किए बिना इसका लाभ यहां के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कर्मचारियों को नहीं मिलेगा।

आदेश तत्काल वापस नहीं लिया तो आंदोलन
पदोन्नति में आरक्षण देने के केंद्र सरकार के आदेश की भर्त्सना करते हुए सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि आदेश तत्काल वापस न लिया गया तो उत्तर प्रदेश के कर्मचारी, अधिकारी और शिक्षक अन्य प्रदेशों के साथ मोर्चा बनाकर आंदोलन करेंगे। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की जानबूझकर गलत व्याख्या कर रही है।
विज्ञापन


सर्वोच्च न्यायालय ने अपने पहले के फैसले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को पदोन्नति देने पर रोक नहीं लगाई है बल्कि उसके लिए कुछ शर्तें तय की हैं। दुबे ने कहा कि शनिवार को समिति की आपात बैठक बुलाई गई है जिसमें आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।

पदोन्नति में आरक्षण विधेयक पारित हुए बिना लाभ नहीं

- फोटो : amar ujala
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की परिधि में जो आदेश जारी किया गया है, उससे प्रदेश के 8 लाख दलित कार्मिकों को तभी लाभ मिलेगा जब केंद्र सरकार आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 3(7) बहाल करे या फिर उत्तर प्रदेश सरकार को इसका आदेश दे। संघर्ष समिति ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि लोकसभा में लंबित पदोन्नति में आरक्षण संशोधन विधेयक पारित कराए बिना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को कोई लाभ नहीं होगा।

प्रमोशन में आरक्षण पर लामबंदी तेज
अनुसुचित जाति-जनजाति कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण पर समर्थकों व विरोधियों के बीच लामबंदी तेज हो गई है। आरक्षण विरोधियों ने 17 जून को सुबह छह बजे लोहिया पथ पर 1090 चौराहे से राजीव चौक तक दौड़ लगाकर सरकार को प्रमोशन में आरक्षण से बाज आने की चेतावनी देने का फैसला किया है। जबकि, समर्थक लोहिया पथ के ही करीब आंबेडकर स्मारक से मार्च निकालेंगे।

सर्वजन हिताय संरक्षण समिति के पदाधिकारियों की शुक्रवार को यहां बैठक में चेतावनी दौड़ और आगे के कार्यक्रमों का खाका खींचा। अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बताया कि केंद्र की प्रमोशन में आरक्षण देने की कोशिशों के विरुद्ध देश भर के सामान्य व पिछड़ा वर्ग कर्मचारी और अधिकारी काला दिवस मनाएंगे। राजधानी में चेतावनी दौड़ का नेतृत्व वायु सेना के 80 वर्षीय सेवानिवृत्त एयर मार्शल आर के दीक्षित करेंगे।
विज्ञापन

17 जून को मनाया जाएगा स्वाभिमान दिवस

उधर, आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश वर्मा ने बताया कि 17 जून को प्रात: छह बजे से डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक से आरक्षण बचाओ पैदल मार्च निकालकर प्रमोशन में आरक्षण बहाली के लिए संशोधन विधेयक पारित कराने की मांग की जाएगी। वर्मा ने बताया कि पदोन्नति में आरक्षण 17 जून-1995 को लागू हुआ था। इस नाते सभी जिलों में उस दिन स्वाभिमान दिवस मनाया जाए। मार्च को सेवानिवृत्त जस्टिस खेमकरन हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें