बसपा के कई बड़े नेताओं की अगुवाई में पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने लगभग ढाई घंटे तक विधानभवन के सामने प्रदर्शन किया।
पार्टी ने महंगाई के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया तो सूबे में बदहाल कानून व्यवस्था व भ्रष्टाचार के लिए सपा सरकार को घेरा। शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन के दौरान बसपाइयों ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका।
हालांकि विधानभवन के सामने निर्धारित स्थान पर बसपाइयों के एकत्र होने से मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक प्रभावित नहीं हुआ। वहीं पुलिस व प्रशासन भी पहले से सतर्क था।
सोमवार सवेरे आठ बजे से ही जुटने लगे थे कार्यकर्ता
पूर्व घोषित प्रदर्शन के लिए बसपा के कार्यकर्ता सोमवार सवेरे आठ बजे से ही विधानभवन के सामने एकत्र होने लगे।
साढ़े नौ बजे के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, पूर्व मंत्री नसीमउद्दीन, लालजी वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर समेत कई बड़े नेता प्रदर्शन की अगुवाई करने पहुंच गए।
पुलिस-प्रशासन ने विधानभवन के सामने की तरफ गोल घेरे में सड़क के किनारे बसपाइयों को धरना-प्रदर्शन के लिए स्थान दिया ताकि ट्रैफिक प्रभावित न हो। भीड़ को तय स्थान में रोकने के लिए बैरियर लगाए गए थे।
केंद्र सरकार भी साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान बसपा नेताओं ने महंगाई के लिए केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि अच्छे दिन बताकर आए मोदी अब जनता पर महंगाई का डंडा चला रहे हैं। इससे जनता परेशान है।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की चीज नहीं रह गई है। गुंडों का राज है।
महिलाओं व युवतियों के साथ आए दिन बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर प्रदेश सरकार नाकाम साबित हुई है। भ्रष्टाचार का बोलबाला है।