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सोनिया के गढ़ में प्रियंका के खिलाफ जमकर प्रदर्शन

Sat, 17 Jan 2015 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रायबरेली
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कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में संगठन के  कामकाज की समीक्षा करने पहुंचीं प्रियंका वाड्रा के खिलाफ शुक्रवार को बेरोजगार सड़क पर उतर आए। समस्या के निस्तारण के लिए बार-बार मिल रहे आश्वासन से खफा बेरोजगारों ने गेस्ट हाउस के सामने प्रदर्शन किया।
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बात तब और बिगड़ गई, जबकि एक कांग्रेसी उन्हें चुप कराने के लिए धमकाने लगा। इससे युवक-युवतियों की कांग्रेसी से तीखी नोकझोंक हुई। इस मामले से वहां पर अफरातफरी मच गई।

सुरक्षा में तैनात पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह मामले को शांत कराया। सभी का कहना था कि नौकरी दिलाई गई थी, लेकिन अब यहां पर खोला गया दफ्तर बंद किया जा रहा है। मानदेय भी कम कर दिया गया है। इसमें लखनऊ, अमेठी और रायबरेली के युवक-युवतियां नौकरी कर रहे हैं।
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अमेठी जिले के दुर्गा प्रसाद यादव, अनिल कुमार, जितेंद्र कुमार, अखिलेश त्रिपाठी, लखनऊ की संध्या श्रीवास्तव, रायबरेली की पूनम दीक्षित, अभिषेक वाजपेयी समेत 27 लोग भुएमऊ गेस्ट हाउस पहुंचकर प्रियंका से मिले और अपनी समस्या बताई।
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चुनाव के बाद शुरू हो गया उत्पीड़न

उनका कहना था कि सांसद राहुल और सोनिया के प्रयास से लगभग 70 लोगों को इनफोटेल टॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड मोहाली पंजाब के जरिये जवाहर विहार कॉलोनी में दफ्तर खोलकर काम दिलाया गया था।

बीते साल के फरवरी में कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने के बाद अप्रैल में यहीं पर नियुक्ति दे दी गई। लोकसभा चुनाव तक तो काम ठीक चला, लेकिन चुनाव होने के बाद लोगों का उत्पीड़न करना शुरू कर दिया गया।

चुनाव के बाद न सिर्फ काम करने के लिए लगाए गए 52 कंप्यूटर उठा ले जाए गए, बल्कि काम करने वालों को पांच हजार रुपये मानदेय देने के बजाय किसी को आधा तो किसी को इससे भी कम मानदेय दिया जाने लगा।

काम करने वालों ने बताया कि किसी को ढाई तो किसी को दो हजार रुपये दिए जा रहे हैं। कंपनी का कोई भी अधिकारी दफ्तर चलाने को लेकर स्पष्ट जवाब देने में आनाकानी कर रहा है। यह हाल देखकर युवाओं को भविष्य की चिंता सता रही है। उत्पीड़न होने से अब लोगों का पलायन शुरू हो गया है।

प्रियंका ने उनकी बात सुनकर समस्या का निराकरण कराने का भरोसा दिया, लेकिन वह बाहर निकलकर आए तो उनका गुस्सा कम नहीं हुआ। वह गेस्ट हाउस के पास ही रायबरेली-परशदेपुर मार्ग पर प्रियंका के विरोध में नारेबाजी करने लगे।
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हर बार की तरह इस बार भी मिला आश्वासन

उनका कहना था कि हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं। नारेबाजी हो ही रही थी कि एक कांग्रेसी संजय पहुंच गए। प्रदर्शन करने वालों को चुप रहने के लिए धमकाया तो युवाओं ने और तेज प्रदर्शन शुरू कर किया।

कांग्रेसी का कहना था कि प्रियंका ने आश्वासन तो दिया है। अब क्या चाहते हो। इस पर युवाओं का कहना था कि हर बार आश्वासन तो ही मिलता है। मामला तूल पकड़ते देख कांग्रेसी वहां से निकल लिया और पुलिस कर्मियों ने युवाओं को शांत करा कर वापस भेजा।

मीडिया कर्मियों से भी उलझा कांग्रेसी
सिर्फ बेरोजगारों से ही नहीं, बल्कि कांग्रेसी मीडिया कर्मियों से भी उलझ गया। मीडिया वाले प्रदर्शनकारियों की बाइट ले रहे थे। इसी बात पर मीडिया कर्मियों और कांग्रेसी के बीच तीखी कहासुनी होने लगी। मामला बढ़ने पर पुलिस कर्मियों ने दखल देकर शांत कराया।

‘अमर उजाला’ ने पहले ही उठाया था यह मामला
‘अमर उजाला’ ने जवाहर विहार स्थित प्राइवेट दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं को पहले ही उठाया था।

14 जनवरी के अंक में ‘मानदेय में कटौती पर फूटा गुस्सा, प्रदर्शन’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इन कर्मचारियों ने कंपनी की ओर से सभी कंप्यूटर उठा ले जाने और मानदेय में कटौती किए जाने का मामला उठाते हुए दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया था।
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