राजधानी में बसंतकुंज, गोमतीनगर विस्तार, जानकीपुरम विस्तार और जानकीपुरम के बाद अब सीजी सिटी में भी संपत्तियों की कीमतें बढ़ाने की तैयारी हो गई है।
आवास विभाग ने एलडीए से प्रस्ताव मांगा है कि कीमतें कितनी बढ़ा दी जाएं। अब बड़ा सवाल यह है कि जहां सीजी सिटी में पहले ही एलडीए भूखंड नहीं बेच पा रहा है वहीं, कीमतें बढ़ने के बाद कैसे बेच पाएगा।
पशुपालन विभाग की जमीन पर विकास कार्यों पर खर्च करने के बदले एलडीए को सीजी सिटी में विकसित भूखंड मिले हैं। इनका कुल कीमत करीब 850 करोड़ रुपये है।
करीब 85 प्रतिशत भूखंड एलडीए अभी तक यहां बेच नहीं पाया है। केवल उन भूखंडों पर ही निर्माण शुरू हो सका जो शासन ने अपने हिस्से से अलग-अलग संस्थाओं को आवंटित किए हैं।
एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि प्राधिकरण की अपनी योजनाओं में कीमतें बढ़ाने के बाद अब शासन से सीजी सिटी की दरें संशोधित करने को कहा गया है।
कीमतें बढ़ाईं तो एलडीए का घाटा
अफसरों का मानना है कि अगर सीजी सिटी में कीमतें बढ़ाईं गईं तो सबसे अधिक नुकसान एलडीए का होगा। इसकी दो वजह हैं। एक, कीमतें बढ़ने से पहले से ही नहीं बिक पा रहीं संपत्तियों को बेचना और अधिक मुश्किल हो जाएगा। दूसरे, एलडीए के विकास कार्य पर खर्च के बदले जमीनें मिली हैं। अगर कीमतें बढ़ीं तो शासन जमीनों का आकलन भी करा सकता है। इससे एलडीए को मिले भूखंडों की संख्या कम हो सकती है। ऐसे में शासन अतिरिक्त भूखंड किसी अन्य सरकारी संस्था को मुफ्त देने के लिए स्वतंत्र होगा। ऐसे में एलडीए अधिकारी कीमतें बढ़ाए जाने के पक्ष में नहीं हैं।
भूखंड के साइज छोटे करने के लिए चाहिए अनुमति
एलडीए सीजी सिटी में नहीं बिक पा रहे भूखंडों की बिक्री के लिए नया तरीका अपना रहा है। यहां कुछ बड़े भूखंडों को छोटे भूखंड में बांटकर नीलामी में बेचने की तैयारी है। वीसी अभिषेक प्रकाश का कहना है कि इसके लिए शासन की उच्चस्तरीय समिति की अनुमति की जरूरत होगी। समिति की बैठक में प्रस्ताव रखकर अनुमति लेनी है।