लखनऊ। भरवारा मल्हौर वार्ड में आने वाली गंगोत्री विहार काॅलोनी में नाला खोदने के मुद्दे पर हुए विवाद को लेकर अमर उजाला ने रविवार को मौके पर जाकर पड़ताल की। स्थानीय लोगों के अनुसार नाले का रास्ता बदला जा रहा है। जहां से नाला बहना चाहिए वह जमीन प्राॅपर्टी डीलरों ने बेच डाली है। अब प्राॅपर्टी डीलरों की बसाई काॅलोनी की जल निकासी के लिए चक मार्ग जो कि मुख्य रास्ता है, उस पर नगर निगम नाला बनाने का प्रयास कर रहा है। गांव के लोग इस बदलाव के विरोध में हैं।
शुक्रवार शाम नगर निगम के लेखपाल सुभाष कौशल का एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल सुभाष सरकारी जमीन पर कब्जा करके बने बेदी लॉन से कब्जा हटवाने के लिए पहुंचे थे। मौके पर लॉन के मालिक गाजीपुर के जखनिया के सुभासपा विधायक बेदी राम ने लेखपाल को फोन पर धमकाया और गालियां दीं। जब लेखपाल ने बताया कि वह पार्षद ममता रावत की शिकायत पर आए हैं तो विधायक ने पार्षद के लिए भी अपशब्द कहे। अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। इस विवाद के बाद शनिवार को भाजपा विधायक योगेश शुक्ला नगर निगम की टीम के साथ मौके पर गए। उन्होंने कहा था कि अवैध कब्जा हटवाया जाएगा।
ग्रामीणों ने कहा...चकमार्ग पर नाला बना तो कहां से आएंगे-जाएंगे
रविवार को अमर उजाला की पड़ताल के दौरान गांव के लोगों ने बताया कि यह विवाद नगर निगम और एलडीए की वजह से है। नगर निगम जहां पर नाला बनाने का प्रयास कर रहा है वह चक मार्ग की जमीन है। दूसरी ओर सरकारी अभिलेखों में जहां नाला है वह जमीन प्रापर्टी डीलरों ने बेच डाली है। उसको खाली कराने के बजाय नगर निगम चकमार्ग की जमीन पर ही नाला बनाने की तैयारी में है। अगर रास्ते की जमीन पर नाला बना तो लोग कहां से आएंगे-जाएंगे। वहीं, विधायक बेदी राम कह रहे हैं कि उनके लॉन का निर्माण सही है। हालांकि, नगर निगम का दावा है कि विधायक के मैरिज लॉन में भी चकमार्ग की जमीन है।
जहां बनना है नाला वहां नहीं हो रहा काम
गांव के निवासी दिनेश सिंह, महेश, अरविंद, सर्वेश पाल, अरुण कुमार यादव ने बताया कि कुछ लोग अपने फायदे के लिए भरवारा के खसरा संख्या-1041 में नाला खोदवाना चाहते हैं जबकि यह जमीन राजस्व रिकार्ड में रास्ता दर्ज है। नाले के लिए अभिलेखों में भरवारा व भैंसोरो के कई खसरा नंबरों की जमीन दर्ज है। नक्शे पर नाला एसटीपी रोड में जाकर मिलता है। नक्शे के आधार पर ही नाला बनना चाहिए, मगर नगर निगम मनमानी कर रहा है। वह इसका विरोध जारी रखेंगे। जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री के यहां और न्यायालय भी जाएंगे। गांव वालों ने यह भी कहा कि यदि एलडीए अवैध काॅलोनी न बसने देता तो यह समस्या ही नहीं आती। लेआउट पासकर काॅलोनी बनती तो जल निकासी का इंतजाम प्राॅपर्टी डीलर को पहले करना पड़ता। तब यहां मकान बनाने वालों को कोई परेशानी नहीं होती।
साजिश कर रहे सरकारी जमीन बेचने वाले
सरकारी जमीन पर कब्जे के आरोप पर सुभासपा विधायक बेदी राम ने कहा कि उन्होंने कोई कब्जा नहीं किया है। प्राॅपर्टी डीलरों ने सरकारी जमीन बेच डाली है। अब वह उनकी जमीन से नाला निकलवाना चाहते हैं। जहां पर नाले की जमीन है वहां पर कब्जा करा दिया गया है। यह मामला विधानसभा में उठा चुके हैं। विधानसभा की समिति में भी यह मामला है। जांच में सच्चाई सामने भी आ चुकी है। अब फिर इस मामले को विधानसभा में फिर से उठाया जा जाएगा ताकि सरकारी जमीन बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला
भरवारा के गंगोत्री विहार काॅलोनी में जलभराव और विधायक का मैरिज लाॅन। - फोटो : अमर उजाला