सरकार ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा के अधिकारियों की पदोन्नति का कोटा बढ़ा दिया है।
पहले यूपी न्यायिक सेवा के अधिकारियों को पदोन्नति में 50 प्रतिशत कोटा मिलता था।
अब इसे बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है। गुरुवार को इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई।
सरकार ने उत्तर प्रदेश उच्चतर न्यायिक सेवा नियमावली में नौवां संशोधन कर दिया गया है।
पांच वर्ष की सेवा वाले सिविल जज सीनियर डिवीजन की सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से श्रेष्ठता के आधार पर वर्तमान में कोटा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
हालांकि सीधी भर्ती में वर्तमान में 25 प्रतिशत कोटे को यथावत रखा गया है।
उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा से उच्चतर न्यायिक सेवा में पदोन्नति का आधार अब श्रेष्ठता-सह-ज्येष्ठता किया गया है।
इसके साथ ही उच्चतर न्यायिक सेवा में नियुक्ति के रोस्टर को भी संशोधित कर दिया गया है। अब पहला पद पदोन्नति व दूसरा पद सीधी भर्ती से भरा जाएगा।
तीसरा व चौथा पद प्रोन्नत व्यक्तियों की सूची से भरा जाएगा। पांचवां पद एलडीसीई के माध्यम से चयनित अभ्यर्थी द्वारा भरा जाएगा।
प्रमुख सचिव राजीव कुमार की ओर से संशोधित नियमावली जारी कर दी गई है। आठ पेज की इस अधिसूचना में विस्तार से रोस्टर प्रणाली को भी समझाया गया है।
इस नियमावली के जारी हो जाने से न्यायिक सेवा के अफसरों की पदोन्नति के और रास्ते खुल गए हैं।