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Lucknow News: मृत्यु के 19 साल बाद पूरा हुआ प्रो. सुखवीर सिंघल का सपना

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पुस्तक मेले में रविवार शाम इवॉल्युशन ऑफ ऑर्ट एंड आर्टिस्ट का विमोचन करते मुख्य अतिथि उप मुख्यमं
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लखनऊ। पितृ पक्ष का पहला दिन प्रियम चंद्रा के लिए बेहद खास था। वे अपने नाना मशहूर चित्रकार और भारत में वॉश पेंटिंग के जनक माने जाने वाले प्रो. सुखवीर सिंघल के ऐसे सपने को साकार कर रही थीं जो उन्होंने आज से 70 साल पहले देखा था। सुखवीर सिंघल ने जिस ग्रंथ को 12 साल की मेहनत के बाद 3000 पृष्ठों में लिखा था, उसे वे अपने जीते जी प्रकाशित नहीं करा सके और 2006 में उनकी मृत्यु हो गई। 19 साल बाद उनकी नातिन प्रियम चंद्रा ने पुस्तक का प्रकाशन कराया। इसके पहले खंड का विमोचन बलरामपुर गार्डन में चल रहे पुस्तक मेले में रविवार को किया गया।
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साॅफ्टवेयर इंजीनियर प्रियम चंद्रा ने बताया कि अमेरिका में नौ साल से बड़ी कंपनी में नौकरी कर रही थीं लेकिन नाना की विरासत को संरक्षित करने के लिए नौकरी छोड़कर 2020 में भारत आ गईं। तीन वर्षों की मेहनत के बाद पुस्तक इवॉल्युशन ऑफ ऑर्ट एंड आर्टिस्ट के पहले खंड का प्रकाशन हो सका। यह पुस्तक केवल कला का इतिहास नहीं है, बल्कि कला के दर्शन, मनोविज्ञान और तकनीकी पहलुओं की गहराई से समझाने वाला ग्रंथ है।पितृ पक्ष के पहले दिन नाना को यही श्रद्धांजलि है।
जवाहरलाल नेहरू की सलाह पर लिखा था ग्रंथ

प्रियम ने बताया कि प्रयाग में 1942 में होली के दिन जवाहरलाल नेहरू ने उनके नाना सुखवीर सिंघल को अपनी बेटी इंदिरा की शादी के कार्ड का डिजाइन तैयार करने के लिए बुलवाया था। नेहरू ने सुखवीर सिंघल से प्रभावित होकर उन्हें कला पर एक पुस्तक लिखने का सुझाव दिया। 12 साल के कठिन परिश्रम के बाद 3000 पन्नों का ग्रंथ तैयार किया लेकिन वे कभी उसे प्रकाशित नहीं करवा सके। पुस्तक लिखे जाने के 70 साल बाद रविवार को वह मौका आया जब सुखवीर सिंघल का सपना पूरा हुआ।
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भारतीय कला को विश्व पटल तक पहुंचाएगी पुस्तक : ब्रजेश पाठक

फोटो- विमोचन की

पुस्तक मेले में रविवार शाम इवॉल्युशन ऑफ ऑर्ट एंड आर्टिस्ट का विमोचन करने के बाद मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रो. सुखवीर सिंघल की कलाकृतियों के माध्यम से उनकी जीवनशैली और जीवन गाथा आज भी जीवित है। यह पुस्तक भारत की कला और संस्कृति को विश्व में बिखेरने का कार्य करेगी। इस मौके पर राज्य ललित कला अकादमी के पूर्व चेयरमैन सीताराम कश्यप, पूर्व क्षेत्रीय सचिव अखिलेश निगम, मेला संयोजक मनोज सिंह चंदेल, प्रो. सुखवीर सिंघल के दामाद राजेश जायसवाल, पुत्री डाॅ. स्तुति सिंघल और नातिन प्रियम चंद्रा के अलावा डाॅ. अनिमा चक्रवर्ती, प्रशांत भाटिया आदि मौजूद रहे।

पुस्तक मेले में रविवार शाम इवॉल्युशन ऑफ ऑर्ट एंड आर्टिस्ट का विमोचन करते मुख्य अतिथि उप मुख्यमं

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