प्रो मुकेश यादव को एडजंक्ट फैकल्टी बनाया गया है। वह फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सीकोलॉजी पर परामर्श देंगे। वह सात वर्षों से इंडियन एकेडमी ऑफ फोरेंसिक मेडिसिन के जर्नल के संपादक भी हैं।
राजधानी लखनऊ में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में अतिरिक्त निदेशक के रूप में कार्यरत प्रो मुकेश कुमार यादव को महाराष्ट्र के वर्धा स्थित दत्ता मेघे उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (डीएमआईएचईआर) में एडजंक्ट फैकल्टी मनोनीत किया गया है। वह यहां के फोरेंसिक मेडिसिन और टॉक्सीकोलॉजी विभाग की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए परामर्श देंगे।
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चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में अतिरिक्त निदेशक के रूप में कार्यरत प्रो मुकेश कुमार यादव बांदा स्थित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा के प्रधानाचार्य रहे हैं। वह विभिन्न निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रधानचार्य और डीन के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में करीब 30 साल से सक्रिय प्रो यादव को फोरेंसिक मेडिसिन और विष विज्ञान विभाग के विशेषज्ञ के रूप में जाना जाता है।
इंडियन एकेडमी ऑफ फोरेंसिक मेडिसिन के जर्नल के संपादक भी हैं
इस क्षेत्र में अंतर्रराष्ट्रीय और राष्ट्रीय करीब 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर उनके नाम हैं। वह सात वर्षों से इंडियन एकेडमी ऑफ फोरेंसिक मेडिसिन के जर्नल के संपादक भी हैं। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में मेडिकोलीगल व्याख्याता भी रहे हैं। डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए मेडिकोलीगल कार्यशाला के जरिए जागरुकता अभियान भी चला रहे हैं।