गोविंद वल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन में आयोजित उत्तराखंड महोत्सव में लगे स्टॉल में खरीदारी करते लो
लखनऊ। बीरबल साहनी मार्ग पर पं. गोविंद वल्लभ पंत सांस्कृतिक उपवन में पिछले दस दिन से चल रहे उत्तराखंड महोत्सव का मंगलवार को समापन हो गया। इस दौरान यहां सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ही शहरियों ने खरीदारी का भी खूब लुत्फ उठाया। एक अनुमान के अनुसार, यहां लगे 150 स्टाॅलों से छह करोड़ रुपये से भी ज्यादा के उत्पाद खरीदे गए। कपड़ों, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, खानपान समेत उत्तराखंडी अनाज, दालें व जड़ी-बूटियों की खूब मांग रही। इन स्टॉलाें के संचालकों से किराये के रूप उत्तराखंड महापरिषद को करीब 40 लाख रुपये की आमदनी भी हुई।
उत्तराखंड महापरिषद की ओर से महोत्सव के मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह कनवाल ने बताया कि इस बार महोत्सव में करीब 150 स्टॉल लगे थे। इस दौरान स्टालों पर उमड़ी लोगों की भीड़ ने स्टाल संचालकों के उत्साह को काफी बढ़ा दिया। स्टालों पर खानपान की वस्तुओं को खूब पसंद किया गया तो वहीं कश्मीर, बंगाल, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड समेत अन्य प्रदेशों से आए दुकानदारों ने अपने अपने यहां के हस्तशिल्प उत्पादों से ग्राहकों को आकर्षित किया। उत्पादों की बिक्री से दुकानदारों के चेहरे खिले रहे और उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ।
उन्होंने बताया कि बाहर से आए दुकानदारों का मेले में खास ख्याल रखा गया और उन्हें हर तरह की जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई गईं। राजेंद्र कनवाल ने बताया कि स्टाल संचालकों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में किराया निर्धारित किया गया था, जिसमें 25 हजार से लेकर 40 हजार तक के स्टाॅल दस दिन के लिए किराये पर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि महापरिषद को स्टालों के किराये से करीब 40 लाख रुपये की आमदनी हुई है। दस दिनों में करीब एक लाख लोगों ने महोत्सव में शिरकत की।