लखनऊ। लविवि प्रशासन ने निष्कासित छात्रों की वापसी प्रक्रिया मंगलवार को शुरू कर दी। यह निर्णय छात्रों के खेद पत्रों पर विचार के बाद लिया गया। कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य किसी छात्र को सजा देना नहीं है। उनका लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी यहां से पढ़कर कुछ बने। छात्रों को सुधार का अवसर देते हुए आगे बढ़ने का मौका दिया जा रहा है। एमए के छात्र प्रिंस प्रकाश और एलएलबी के छात्र हर्षित शुक्ला ने फीस वृद्धि का विरोध किया था। उन्होंने 28 अप्रैल से विश्वविद्यालय के गेट नंबर 1 पर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय ने इन छात्रों पर कार्रवाई की थी।
वहीं, लखनऊ विश्वविद्यालय के विज्ञान संकाय ने बीएससी तीसरे सेमेस्टर के छात्र-छात्राएं सह-पाठ्यक्रम विषय का चयन तीन अगस्त तक कर लें। इस संबंध में विवि की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक यह उन विद्यार्थियों के लिए अंतिम अवसर है जिन्होंने अब तक विषय नहीं चुना है या जिन्हें कोई विषय आवंटित नहीं हुआ है। (संवाद)