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बिजली से तेज भाग रहे बिजली के मीटर, एक दिन में 300 यूनिट

Wed, 04 Sep 2013 02:21 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
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बिजली का मीटर तेज रफ्तार से भाग रहा है। उपभोक्ता परेशान है और बिल तो चुका ही रहा है।
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साथ ही लेसा दफ्तर के चक्कर भी काट रहा है, लेकिन मीटर बदलने के बजाय उसे आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है।

अपट्रान उपखंड के भवानीगंज स्थित झउआ वाली गली में वकील अशोक कुमार श्रीवास्तव रहते हैं। इनके घरेलू बिजली कनेक्शन का मीटर जो औसतन 300 यूनिट प्रति दिन के हिसाब से दौड़ रहा है।

यहीं नहीं घर के बिजली उपकरण के स्विच बंद करने पर भी मीटर की स्पीड पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। अशोक ने तीन सितंबर की सुबह 8 बजे उसकी रीडिंग 17,039 यूनिट देखी तो घबरा गए।
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तुरंत इलाके के उपकेंद्र पर पहुंचकर समस्या से अवगत कराया। उपकेंद्र ऑपरेटर ने एसडीओ (उपखंड अधिकारी) पीके सिंह से फरियाद करने की सलाह दी।

बिजली चोर कह डाला
उपभोक्ता का कहना है कि जब वह एसडीओ सिंह से व्यथा बताने पहुंचे तो उन्हें बिजली चोर कह दिया गया। आरोप लगाया गया कि मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने का प्रयास किया होगा।

जब उपभोक्ता ने खुद के वकील होने का परिचय दिया तब जूनियर इंजीनियर एवं लाइनमैन को मौका मुआयना करने के लिए भेजा।

जूनियर इंजीनियर ने पहुंचकर घर के सभी बिजली उपकरण के स्विच का बंद कराए और मीटर देखा। इस दौरान भी मीटर तेज स्पीड पर कोई फर्क नहीं पड़ा। जूनियर इंजीनियर मीटर में तकनीकी खराबी बताकर चले गए।

उपभोक्ता ने बताया कि 7 अगस्त को 10,291 यूनिट तक बिल चुकता किया था। यह मीटर 26 दिन में 6,758 यूनिट चल चुका है।

जबकि उपभोक्ता के घर में एसी तक नहीं है। अब तक उपभोक्ता हर महीने 150 से 160 यूनिट का बिजली बिल भरता रहा है।

उपखंड में नए मीटर नहीं
लेसा के मुख्य अभियंता का दावा कि नए मीटर की कोई कमी नहीं है। वहीं जब बाद अशोक कुमार के यहां मीटर बदलने की आई तो एसडीओ ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ा कि उपखंड में नए मीटर नहीं हैं।
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जब आएंगे तो बदल दिए जाएंगे। इतना ही नहीं नए मीटर की लागत जमा करनी होगी। दफ्तर में जाइए और मीटर की लागत 1450 रुपए जमा करा दीजिए।

उपभोक्ता की शिकायत पर मीटर की जांच कर ली गई है। मीटर तेज क्यों चल रहा, इसकी जांच तो उसके खुलने के बाद ही पता चलेगी। उपभोक्ता का मीटर बदलने के लिए परीक्षण सेक्शन को शिकायत पत्र भेज दिया गया है।
- विवेक कुमार, जूनियर इंजीनियर नूरबाड़ी उपकेंद्र
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