लखनऊ। केजीएमयू में एक रिटायर्ड प्रोफेसर के खिलाफ लगे आरोपों की जांच शुरू हो गई है। कुलपति की मंजूरी के बाद कुलसचिव ने पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। रिटायर्ड प्रोफेसर पर नियमों का उल्लंघन कर नियुक्ति पाने, पेंशन संबंधी लाभ लेने और वित्तीय अनियमितताओं समेत कई आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा विभाग के एक डॉक्टर ने मानसिक उत्पीड़न और प्रताड़ना की शिकायत भी की है।
मामले में आठ जून को पहली शिकायत की गई थी। इसके बाद 23 जुलाई को शपथपत्र के माध्यम से भी आरोप लगाए गए। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कुलसचिव ने 10 सितंबर को जांच कमेटी गठित करने का आदेश जारी किया। जांच कमेटी की अध्यक्षता केजीएमयू की प्रति कुलपति करेंगी। कमेटी में डीन एकेडमिक्स, जनरल सर्जरी विभाग के डॉ. केके सिंह, पैथोलॉजी विभाग की डॉ. रश्मि कुशवाहा और एनॉटमी विभाग की डॉ. ज्योति चोपड़ा को शामिल किया गया है। डॉ. ज्योति चोपड़ा को कमेटी का सदस्य सचिव बनाया गया है।
कमेटी ने शिकायत से जुड़े सभी पक्षों और उनके अधिवक्ताओं को आवश्यक दस्तावेजों के साथ पक्ष रखने के लिए कहा है। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू हो गई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जल्द ही कुलपति को सौंप दी जाएगी।