राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित दस दिवसीय धातु मूर्तिकार शिविर का उद्घाटन गुरुवार को हुआ। इस मौके पर आर्ट्स कॉलेज की दुर्दशा और अव्यवस्थाएं ही सुर्खियों में छाई रहीं।
मंच पर पहुंचते ही लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. एके सेन गुप्त ने कॉलेज की खामियां अंगुलियों पर गिनानी शुरू कर दीं।
करीब 15 मिनट में उन्होंने परिसर में उगी बड़ी-बड़ी घास से लेकर जर्जर बिल्डिंगों और छात्रों की समस्याओं तक को उजागर कर डाला।
साथ ही इसके लिए जिम्मेदार लोगों की शिकायत कुलपति से करने तक की बात कह डाली। हालांकि, प्रति कुलपति केसवालों के जवाब देने के लिए एकाध शिक्षक उठे भी, लेकिन उन्हें अपनी बात लिखित में देने की हिदायत देकर बिठा दिया गया।
उन्होंने मंच से प्राचार्य राजीव नयन को तलब करते हुए कहा कि वह शिकायतों की लिस्ट बनाकर मुझे जमा करें। प्रति कुलपति ने कॉलेज के प्रत्येक डिपार्टमेंट में प्लेसमेंट सेल खोलने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी।
साथ ही कहा कि छात्र खुद इस सेल को चलाएंगे। साथ ही कॉलेज को फैकल्टी का दर्जा दिलवाने का आश्वासन भी दिया।
उद्घाटन पर अकादमी अध्यक्ष लालजीत अहीर ने बताया कि कलाकारों को प्रोत्साहित करने केउद्देश्य से शिविर आयोजित किया गया है। वरिष्ठ वर्ग में बनारस के अखिलेश राय, उदयपुर केज्ञान सिंह, कोलकाता केअरुण कुमार चक्रवर्ती।
युवा वर्र्ग में लखनऊ की संध्या यादव व उदयराज मौर्य, भोपाल के सुभाष विश्वकर्मा, बनारस केआकाश सेठ और छात्र वर्ग में लखनऊ केअजीत कुमार व प्रियंका गुप्त, बनारस के गौरव दुबे शामिल हुए हैं।
आखिर अकादमी सचिव क्यों रहीं अनुपस्थित
आर्ट्स कॉलेज प्राचार्य व शिक्षक ही नहीं ललित कला अकादमी की सचिव वीना विद्यार्थी भी शिविर उद्घाटन के मौके पर अनुपस्थित रहीं।
जबकि आयोजन अकादमी की ओर से ही हो रहा है। सूत्रों की मानें तो हाल ही में अकादमी में वर्चस्व को लेकर अध्यक्ष व सचिव केबीच उपजे मनमुटाव केकारण ही वह शामिल नहीं हुई हैं।
गौरतलब है कि अध्यक्ष ने सचिव के अकादमी की वैन इस्तेमाल करने पर रोक लगा थी। जबकि सचिव ने अध्यक्ष पर मनमानी के आरोप लगाए थे।
इतना ही नहीं कार्यक्रम में उपाध्यक्ष संगीता यादव भी मात्र औपचारिकता पूरी करने के लिए ही शामिल हुईं। उधर, कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्कृति मंत्री अरुण कुमार कोरी व पंचायती राज मंत्री बलराम यादव भी नहीं पहुंचे।