प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित को साहित्य शिरोमणि सम्मान
लखनऊ। कवि, अनुवादक व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. गंगारत्न पांडेय की 109वीं जयंती पर हजरतगंज स्थित उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में सोमवार को सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हिंदी के विद्वान प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित को पं. गंगारत्न पांडेय साहित्य शिरोमणि सम्मान से नवाजा गया। उनकी पत्नी मंजुला दीक्षित को जगरानी स्मृति सम्मान दिया गया। इस अवसर पर रचनाकारों ने काव्यपाठ भी किया।
प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित ने कहा कि पं. गंगारत्न पांडेय कुशाग्र विद्यार्थी, साहित्यकार, शिक्षक एवं अधिकारी रहे, परंतु इससे भी बढ़कर वे एक कर्मठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। पद्मश्री डॉ. विद्याविंदु सिंह ने कहा कि स्व. गंगारत्न पांडेय का व्यक्तित्व और कृतित्व प्रेरक है जिन्होंने सादा जीवन और उच्च विचार के सिद्धांत को जीवन में अपनाया। वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने कहा कि प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित को इस ऊंचाई तक ले जाने में उनकी धर्मपत्नी मंजुला दीक्षित का भी योगदान रहा। वास्तव में नींव की ईंट तो वे ही हैं। इस अवसर पर डॉ. उमाशंकर शुक्ल शितिकण्ठ, डॉ. गोपाल कृष्ण शर्मा मृदुल, अवधेश गुप्त नमन ने भी विचार व्यक्त किए। अशोक कुमार पांडेय ''अशोक'', डॉ. दिनेश चंद्र अवस्थी, इं. सुनील कुमार वाजपेयी और नवीन शुक्ल ''नवीन'' ने काव्य पाठ किया। संयोजन आवारा नवीन व नवीन शुक्ल ''नवीन'' का रहा और संचालन डॉ. रश्मिशील शुक्ला ने किया।