उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने टेस्टिंग और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग जैसे महत्वपूर्ण कदमों पर ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण इस महामारी ने प्रदेश में विक्राल रूप ले लिया है।
प्रियंका गांधी ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कोरोना संकट के बीच यूपी सरकार महामारी से निपटने के बजाय अपना प्रचार करने में व्यस्त है।
शनिवार को एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि लगभग तीन महीने के लॉकडाउन और यूपी सरकार के तमाम दावों के बावजूद प्रदेश के 25 जिलों में जुलाई महीने में कोरोना के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। यूपी के तीन जिलों में 200 प्रतिशत, 3 में 400 प्रतिशत और 1 जिले में 1000 प्रतिशत से ऊपर की उछाल आई है।
उन्होंने आगे लिखा कि खबरों के अनुसार प्रयागराज में 70 फीसदी संक्रमित लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के 48 घंटे के भीतर ही मृत्यु हो गई। हमें इसी बात का डर था इसलिए शुरू में ही हमने उप्र के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस संदर्भ में सकारात्मक सुझाव देते हुए अधिकतम टेस्टिंग की बात उठाई थी।
आज राज्य में कोरोना का यह विक्राल रूप टेस्टिंग पर ध्यान न देने, रिपोर्ट में देरी होने, आंकड़ों की बाजीगरी करने व कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान नहीं देने की वजह से ही हुआ है। यूपी सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को 38 मरीजों की मौत हो गई थी, एक दिन में कोरोना से मरने वाले मरीजों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण से अबतक कुल 1084 लोगों की मौत हो चुकी है।
वहीं शुक्रवार को सामने आए 1919 नए मामलों के बाद उत्तर प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 45363 पहुंच गई है।