निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी व अभियंता 10 दिसंबर को पूरे दिन काली पट्टी बांध कर कार्य करेंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र भेजेंगे। यह फैसला संघर्ष समिति की बैठक में लिया गया। बैठक में संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारी राजीव सिंह, जितेंद्र सिंह गुर्जर, गिरीश पांडेय, महेंद्र राय, सुहैल आबिद, पीके दीक्षित, राजेंद्र घिल्डियाल, चंद्र भूषण उपाध्याय, आर वाई शुक्ला, छोटेलाल दीक्षित, देवेंद्र पांडेय और आरबी सिंह आदि शामिल हुए।
उपभोक्ता परिषद ने पूर्वांचल व दक्षिणांचल बिजली निगम के निजीकरण के प्रस्ताव को असांविधानिक करार दिया है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि पावर कार्पोरेशन ने दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक मंडल से निजीकरण के प्रस्ताव को अधिकृत कराया है, लेकिन उन्हें यह अधिकार ही नहीं है। ये दोनों निगम विद्युत नियामक आयोग से लाइसेंस प्राप्त हैं। कोई एक लाइसेंस प्राप्त कंपनी बिना लाइसेंस प्राप्त कंपनी को कैसे अधिकृत कर सकती है? वर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाईकोर्ट के कई निर्णयों में यह आदेश है कि पावर कॉर्पोरेशन स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाली बिजली कंपनियों को कोई भी निर्देश जारी नहीं कर सकता है।