हर डिस्कॉम में चार अधिशासी अभियंताओं को निलंबित करने के आदेश पर पावर ऑफिसर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आक्रोश जताया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप करने और पूरे मामले में कमेटी बनाकर जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि निगमों के प्रबंध निदेशकों की भाषा शैली पर काॅर्पोरेशन प्रबंधन तत्काल कार्रवाई करे। मुफ्त समाधान योजना की समीक्षा के नाम पर अभियंताओं को लक्ष्य बनाकर की जा रही कार्रवाई से निगमों में औद्योगिक अशांति पैदा होगी। एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा, अनिल कुमार, आरपी केन, बिंदा प्रसाद, सुशील कुमार वर्मा, एके प्रभाकर आदि ने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक मुफ्त समाधान योजना की 10 दिन के अंदर समीक्षा के आधार पर अभियंताओं को टारगेट किया जा रहा है, जिससे सिद्ध होता है कि बिजली कंपनियों का प्रबंधन पीपीपी मॉडल को लागू न कर पाने से बौखला गया है।