विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति 22 जून को लखनऊ में बिजली महापंचायत करेगी। इसमें देशभर के किसान और उपभोक्ता संगठन शामिल होंगे। पदाधिकारियों ने बताया कि महापंचायत के एलान के बाद कई संगठनों ने समिति से संपर्क किया है। शनिवार को बिजली कर्मचारियों ने सभी जिलों परियोजनाओं और राजधानी में बैठक कर निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन को और तेज व मजबूत बनाने की रणनीति बनाई। समिति के पदाधिकारियों की रविवार को हुई बैठक में छह माह से चल रहे आंदोलन की समीक्षा की गई। साथ ही 22 जून को लखनऊ में होने वाली महापंचायत पर चर्चा की गई। इस दौरान पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि किसी भी कीमत पर निजीकरण मंजूर नहीं किया जाएगा।