विरोध जताते बिजली विभाग के कर्मचारी।
लखनऊ। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन व विद्युत तकनीकी कर्मचारी एकता संघ की निजीकरण के विरोध में संयुक्त महापंचायत रविवार को गोखले मार्ग स्थित मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड मुख्यालय पर हुई। नेता जय प्रकाश ने कहा, बिजली विभाग का निजीकरण हुआ तो नौकरियां कम होंगी। किसानों की बिजली महंगी होगी। निजी क्षेत्र में जिसे नौकरी मिलेगी, उन्हें मनमाने ढंग से वेतन मिलेगा। देश और प्रदेश में कहीं भी निजीकरण का प्रयोग सफल नहीं रहा है। नेता एसके विश्वकर्मा ने कहा, दोनों डिस्कॉम पूर्वांचल व दक्षिणांचल के निजीकरण से कर्मियों को छंटनी का सामना करना पड़ेगा। महापंचायत में नेता डीके प्रजापति, शैलेंद्र कुमार, राकेश कुमार ,संदीप मौर्य, अरविंद कुमार, चंद्रशेखर, विभांशु कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।