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Lucknow News: मरीज के लिए निजी एंबुलेंस चालकों में मारपीट, हवाई फायरिंग

Wed, 21 Jun 2023 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
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रायबरेली। जिला अस्पताल में निजी एंबुलेंस से मरीज ढोने को लेकर सोमवार की रात दो गुटों के बीच मारपीट हो गई। इस दौरान एक पक्ष ने पिस्टल से तीन से चार राउंड हवाई फायरिंग कर दी। इससे आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना पर कोतवाल संजय त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान हवाई फायरिंग करने वाले आरोपी को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। जिला अस्पताल पुलिस चौकी के इंचार्ज राजकिशोर अग्निहोत्री की तहरीर पर दो युवकों पर केस दर्ज किया गया है। फरार हिस्ट्रीशीटर की तलाश पुलिस कर रही है।
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दरअसल, जिला अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर निजी एंबुलेंस चालकों का जमावड़ा रहता है। इमरजेंसी में आने वाले गंभीर रोगियों को लखनऊ ले जाने के लिए चालकों के बीच तकरार आए दिन हुआ करती है। रात में मरीज ढोने को लेकर हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गंगागंज निवासी प्रशांत यादव और शहर के छोटी बाजार जहानाबाद निवासी रिषभ सिंह के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। दहशत फैलाने के लिए रिषभ सिंह ने पिस्टल से हवाई फायरिंग कर दी। सूचना पर पुलिस पहुंची और घटना की जांच की। कोतवाल ने बताया कि रिषभ को पकड़ लिया गया है। प्रशांत यादव की तलाश की जा रही है। प्रशांत हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। यह सब एंबुलेंस चलवाने का काम करते हैं। मरीज ढोने को लेकर इन सभी में विवाद हुुआ था।
पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी ने मंगलवार को सीओ सदर वंदना सिंह, कोतवाल संजय त्यागी के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सोमवार की रात मरीज ढोने को लेकर हुए विवाद की पूरी पड़ताल की। एसपी ने निर्देश दिए कि जिला अस्पताल के पास निजी एंबुलेंस कतई खड़े न होने दें। जिला अस्पताल में तो खुद सरकारी एंबुलेंस रहती हैं। एसपी ने सीओ और कोतवाल को निर्देश दिए कि दबंग किस्म के निजी एंबुलेंस चालकों को चिन्हित करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
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जिला अस्पताल से मरीजों को ढोने के नाम पर निजी एंबुलेंस चालक मनमाना रेट वसूलते हैं। इस खेल में जिला अस्पताल का कुछ स्टाफ भी शामिल रहता है, क्योंकि उसे मरीज दिलाने के नाम पर कमीशन मिलता है। यह खेल काफी अरसे से चला आ रहा है, लेकिन इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। सोमवार की रात की घटना से जाहिर है कि मरीज ढोने को लेकर निजी एंबुलेंस चलवाने वाले लोग किस तरह मारपीट पर आमादा हो जाते हैं।
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