लखनऊ। जिला जेल में बंद कैदी रामकिशोर सिंह (59) शुक्रवार सुबह शौचालय में बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। परिजनों ने रामकिशोर के साथ अनहोनी की आशंका जताई है।
जिला जेल के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक, इटौंजा के इंदारा गांव निवासी रामकिशोर अक्तूबर 2024 से जेल में बंद था। हत्या के मामले में उसे कोर्ट में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे वह शौच के लिए गया था। करीब 15 मिनट बीत जाने के बाद वह बाहर नहीं निकला। जेलकर्मी ने शौचालय में जाकर देखा तो वह बेहोशी की हालत में फर्श पर पड़ा था।
जेल प्रशासन ने प्राथमिक उपचार के बाद फार्मासिस्ट शिव अचल सिंह की निगरानी में बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया। रामकिशोर की भतीजी महिमा, आकांक्षा व हैप्पी ने चाचा की मौत पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चाचा के माथे पर चोट के निशान हैं। आशंका है कि उनके साथ जेल में कोई दुर्घटना हुई है। जेलर ने इन आरोपों को गलत बताया है। जेलर के अनुसार, डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान कैदी को हार्ट अटैक आने की आशंका जताई है। बेहोश होकर फर्श पर गिरने से बंदी को मामूली चोट आई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत की वजह साफ हो जाएगी।