यदि आप परिषदीय स्कूलों में शिक्षक इसलिए बनना चाहते हैं कि यहां की जिंदगी थोड़ी आसान और चुनौतियां कम हैं तो जरा रुकिए। अब ऐसा नहीं होगा। इन स्कूलों के शिक्षकों को एक अतिरिक्त जिम्मेदारी दी जा रही है।
परिषदीय स्कूलों के शिक्षक अब पढ़ाएंगे ही नहीं बल्कि बच्चों का दाखिला भी कराएंगे। इसके लिए उन्हें घर-घर जाकर बच्चों के अभिभावकों से मिलकर यह बताना होगा कि बच्चों के भविष्य के लिए क्या जरूरी है।
परिषदीय स्कूलों में दाखिले के लिए 7 से 21 जुलाई तक दाखिले के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। सर्व शिक्षा अभियान की राज्य परियोजना निदेशक शीतल वर्मा ने बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि दाखिले के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।