हंगामे की आशंका पर कमिश्नर अनिल गर्ग और आईजी सुजीत पांडेय भी पहुंच गए थे। लोग आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार और मंदिर की जमीन पर चल रहे स्कूल की बाउंड्रीवाल तोड़ने, कैंपस गिराने और प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं, पुलिस की मदद से जेसीबी से स्कूल की बाउंड्रीवाल ढहाई जाने लगी लेकिन स्कूल कैंपस नहीं गिराने की आशंका पर नाराज लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। गुस्साए ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर स्कूल परिसर में घुस गए और तोड़फोड़ की। साथ ही वहां पर झाड़ियों में आग लगा दी। पुलिस ने बलवा कर रहे लोगों को रोकना चाहा तो उन पर पथराव कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। पुलिस कर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ा।
हालांकि, बाद में पुलिस ने किसी तरह लोगों को काबू किया। सीओ डलमऊ विनीत सिंह ने बताया कि मंदिर के नवनियुक्त महंत शिवयोगी मौनी स्वामी की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पंचशील महाविद्यालय इटौरा बुजुर्ग के प्रबंधक बीएन मौर्या, अमृतलाल मौर्या, रामस्वरूप वास और संजीव कुमार के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है।
पूर्व मंत्री व ऊंचाहार विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों और मौनी बाबा से बात की। पूर्व मंत्री ने मामले में सख्त कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया। इस पर लोग शांत हुए। पूर्व मंत्री ने कमिश्नर और आईजी से प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
21 दिसंबर को मुझे बनाया था महंत
थाने में दी गई तहरीर में वादी शिवयोगी मौनी स्वामी ने कहा है कि मृतक स्वामी प्रेमदास ने 21 दिसंबर को मुझे इस मंदिर का महंत बनाया था। मंदिर की जमीन में स्कूल बनवा दिया गया है। महंत बाबा प्रेमदास की हत्या की गई है। मामले में कार्रवाई की जाए।
जान से मारने की दी थी धमकी
थाने में दी गई तहरीर में वादी का आरोप है कि 22 दिसंबर को अपने परमहंस सेवा आश्रम गौरीगंज अमेठी में नौ बजे खड़ा था। इसी बीच बिना नंबर की सफेद रंग की बोलेरो गाड़ी से बैजनाथ आदि लोग पहुंचे और गालीगलौज की थी। इन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी थी। इस प्रकरण की एफआईआर गौरीगंज में दर्ज है।