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पुजारी ने ही की थी पत्नी की हत्या, रची थी चोरी के दौरान हमले की साजिश

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बंथरा के बेती गांव स्थित नागेश्वर मंदिर के पुजारी दीप नारायण त्रिवेदी की पत्नी दीपिका की हत्या का खुलासा हो गया है। दीपिका की हत्या उसके पति दीप नारायण ने ही की थी। डीसीपी मध्य सोमेन बर्मा ने बताया कि दीप नारायण ने दीपिका के अलावा उसकी भतीजी से भी शादी की थी। दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। वारदात वाले दिन भी दोनों में झगड़ा हुआ। दीप नारायण पहली पत्नी को समझाने गए लेकिन वह नहीं मानी। इससे नाराज होकर उसने दीपिका को गला दबाकर मार डाला और चोरी के दौरान हमले की साजिश रच डाली। आरोपी दीप नारायण को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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डीसीपी ने बताया कि दीप नारायण बेती गांव स्थित नागेश्वर मंदिर का पुजारी है और मंदिर से सटे मकान में ही रहता है। उसके साथ पहली पत्नी दीपिका और दूसरी पत्नी कुसुम व उनके दो-दो बेटे रहते थे। दीपिका घर के भीतर बरामदे में सोती थी जबकि बाकी सभी सदस्य बाहर लेटते थे। 28 सितंबर की सुबह दीपिका का शव घर के आंगन में पड़ा पाया गया था। मकान के एक कमरे में नकब लगी थी और बक्सों में रखा सामान बिखरा हुआ था। मंदिर का दानपात्र भी गायब था। दीप नारायन ने चोरी के दौरान बदमाशों का विरोध करने पर पत्नी की हत्या की आशंका जताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि, शुरुआती पड़ताल में ही पुलिस परिवार के किसी सदस्य पर ही हत्या का शक जता रही थी।
डीसीपी ने बताया कि 27 सितंबर की रात नौ बजे खाना खाने के बाद कुसुम बरामदे में सोने चली गई जबकि दीपिका आंगन में लेट गई। रात को दीप नारायण उसे समझाने के लिए गया। हालांकि, दीपिका ने उसकी बात नहीं मानी। इससे नाराज होकर दीप नारायण ने उसका गला दबा दिया। पत्नी की हत्या के बाद उसने कमरे की दीवार की ईंटे निकाल दीं और बक्सों में रखा सामान फैलाकर जेवर-नकदी समेट लिए। उसने चोरी के दौरान बदमाशों का विरोध करने पर दीपिका की हत्या की कहानी गढ़ डाली। मंदिर का दानपात्र भी चोरी कर लिया और कुछ दूर खेत में फेंक दिया। उसने दानपात्र से निकाले गए रुपये और जेवर एक पोटली में बांधकर घर पर ही छिपा दिए थे जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है।
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खोजी कुत्ते ने लगाए पुजारी के चक्कर, उसे देखकर भौंका तो हुआ शक
डीसीपी ने बताया कि वारदात के बाद जब पुलिस ने छानबीन के लिए खोजी कुत्ता बुलवाया तभी सारी स्थिति साफ हो गई थी। खोजी कुत्ते ने पुजारी दीप नारायण के चारों तरफ कई चक्कर लगाए। वह उसे देखकर भौंकता भी रहा। इससे पुजारी पर शक हुआ था। कुत्ते के इशारे पर ही पुलिस ने काम किया और वारदात का खुलासा हो गया।
तेरहवीं के बाद पूछताछ में दीप नारायण ने उगला सच
दीपिका के तेरहवीं संस्कार के बाद पुलिस ने दीप नारायण को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस सूत्रों की माने तो दीप नारायण ने पहले तो उल्टे पुलिस के ऊपर ही हावी होने की कोशिश की लेकिन बाद में सख्ती से वह टूट गया और सारा सच उगल दिया।
घर में ही छिपाया था सारा सामान
बंथरा प्रभारी निरीक्षक रमेष सिंह रावत ने बताया कि घटना को चोरी का रूप देने के लिए दीप नारायण ने घर से चांदी की पायल, बिछिया सहित अन्य जेवरात व शिवलिंग छत्र व दानपात्र की राशि घर में ही छिपा दी थी। यही नहीं दीप नारायण ने जिस सब्बल से दीवार काटी थी, वह भी घर में ही छिपा रखा था। पुलिस ने दीप नारायण की निशानदेही पर आला नकब, चांदी का छत्र, एक जोड़ी पायल, एक जोड़ी तोड़ियां, दो अदद चांदी के पुराने सिक्के, एक जोड़ी झुमकी, आठ जोड़ी बिछिया व 180 रुपये बरामद किए हैं।
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