देर शाम को पुजारी का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वह प्रधान की मदद कर रहे हैं। कहा कि जब तक आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होगी, अंतिम संस्कार नहीं होगा।
तहसीलदार ने देर शाम परिजनों को समझाने की कोशिश की। परिजन विवादित जमीन पर ही पुजारी की समाधि बनाने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। परिजनों का कहना था कि जिस जमीन के लिए उन्होंने खुदकुशी की है, उसी पर उनकी समाधि बनेगी।
मृतक की बेटी का आरोप है कि भगवानदीन ने वीडीओ, एडीओ पंचायत, सचिव, लेखपाल सहित सभी को प्रार्थना पत्र देकर मंदिर की जमीन पर शौचालय न बनवाने की गुहार लगाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुसाइड नोट में खुदकुशी के पीछे प्रधान पति देशराज यादव, नरेंद्र यादव, सुधांशु यादव, वीडीओ संजीव गुप्ता, एडीओ पंचायत कमलेश जायसवाल, सचिव आलोक गुप्ता, लेखपाल संगम लाल, दरोगा विनीत सिंह पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सुसाइड नोट में अंत में लिखा है कि सांसद जी मेरे बच्चों को मुख्यमंत्री से मिलवाकर न्याय दिलाने की कृपा करें। काकोरी ब्लॉक प्रमुख रामविलास रावत ने बताया कि सांसद कौशल किशोर ने भी एसडीएम को पत्र लिखा था लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। डीएम को भी पत्र भेजा था। वहीं एसीपी काकोरी सैयद मो. कासिम आबिदी ने कहा, मंदिर की जमीन पर मृतक पुजारी कब्जा किए था। उसी जमीन पर ग्राम प्रधान शौचालय बनवा रहे थे। ब्लॉक के अधिकारी सहित पुलिस पर लगाया गया आरोप गलत है।
पुजारी भगवानदीन लोधी ने 15 जून को भी खुदकुशी का प्रयास किया था। उस वक्त ग्राम प्रधान पति देशराज, बीडीओ, ग्राम समाज की जमीन को खाली कराने गए थे। प्रधान का पति व बेटा नरेंद्र ग्राम समाज की जमीन पर शौचालय निर्माण का प्रस्ताव दिया था।
लेखपाल व ब्लॉक के अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन को चिह्नित कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। निर्माण मंदिर से 100 फीट की दूरी पर कराया जा रहा है। पुजारी के परिवार में विवाहित बेटी सीता, सतरूपा, रंगोली, तनु, बेटा सौरभ हैं। पत्नी की 15 साल पहले मौत हो चुकी है।
परिजनों का आरोप है कि बुधवार रात को प्रधान पति देशराज व उनके बेटों ने घर आकर धमकी दी थी। परिजनों ने मंदिर के पास जमीन का पट्टा, दोषियों पर कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को नौकरी, परिजनों की सुरक्षा, दोषी कर्मचारियों को पद से हटाने सहित सात बिंदुओं का मांग पत्र सौंपा है। तहसीलदार ने उन्हें आश्वासन दिया है।