कपड़ा कारोबारियों के मुताबिक ब्रांडेड कंपनियों का 30 फीसदी माल चीन में तैयार होता है। यह कंपनियां कपड़े की डिजाइन, यार्न खरीद कर देती, इसके बाद देश में मंगवाकर इसे संवारती हैं। कंपनियों ने तीन महीने पहले जिस वक्त बुकिंग कराई थी, डॉलर की कीमत कम थी। अब भाव बढ़े तो अधिक कीमत चुकानी पड़ी।
ब्लेजर लेंथ पर रुपये 600 बढ़े
डॉलर के भाव के कारण आस्ट्रेलिया से आने वाले ब्लेजर लेंथ की कीमत 600 रुपये तक बढ़ चुकी है। हजरतगंज के कारोबारी किशन चंद बम्बानी के मुताबिक अब तक दो मीटर का ब्लेजर लेंथ 2500 रुपये का बेचते थे, पर इस सीजन में आए ब्लेजर लेंथ को 3100 रुपये का बेचना पड़ रहा है। कीमत पर यह असर डंपिंग ड्यूटी बढ़ने से भी पड़ा है।
थोक में कीमतों पर असर
सामान--लंबाई--कीमत पहले--कीमत अब
चीनी झालर--5 मीटर--15-16--26-27
चीनी झालर--15 मीटर--75-80--140-145
चीनी झालर--25 मीटर--150-160--260-275
फैंसी झालर--15 मीटर --200-225--300-325