ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विधानसभा में कहा कि पूर्व की सरकारों में लोग निजी संपत्ति बढ़ाने का काम करते थे, लेकिन योगी सरकार ने ग्रिड की क्षमता बढ़ाने और सभी को सस्ती और निर्बाध बिजली देने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि योगी सरकार पावर फॉर आल के संकल्प को पूरा कर रही है। 1.30 लाख अंधेरे मजरों में पहली बार बिजली पहुंची। 55.5 फीसदी बिजली कनेक्शन बढ़ाए। पूर्व की सरकारों में ढिबरी के तेल से रोशन होने वाले 75 प्रतिशत घर अब एलईडी बल्ब की दूधिया रोशनी से जगमग हो रहे हैं।
2016-17 में ग्रिड की क्षमता 16,348 मेगावाट थी जिसे ढाई साल में बढा़कर 2400 मेगावाट किया गया। ग्रिड की कुल आयात क्षमता को 7800 से बढ़ाकर 13400 मेगावाट किया गया है। पिछली सरकरों के बिजली खरीद का अनुबंध 6-7 रुपये में होते थे। अब 2.98 रुपये में हो रहे हैं। 2021 तक 48403 मजरों की 66320 किमी. जर्जर लाइन भी बदल दी जाएगी।
उन्होंने सौर ऊर्जा सेक्टर के प्रस्तावित कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2022 तक 10700 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। एक किलोवाट घरेलू सोलर रूफ टॉप की स्थापना पर 50 हजार का खर्च आता है। इसमें 35 हजार की छूट है। 15 हजार में मिल जाएगा। इसी तरह सोलर पंप पर 60 फीसदी अनुदान दिया जा रहा है।