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पांच मिनट देरी से चली, पर समय से पहुंची प्रेसिडेंशियल ट्रेन

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सोमवार को प्रेसिडेंशियल ट्रेन से चारबाग स्टेशन पहुंचे तो इसके 107 साल पुराने इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया। कानपुर रेलवे स्टेशन से उनकी ट्रेन पांच मिनट देरी से सुबह 10.25 बजे चली, मगर चारबाग स्टेशन पर राइट टाइम 11.50 पर पहुंची। स्टेशन पर राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। दस मिनट स्टेशन पर रुकने के बाद उनका काफिला राजभवन के लिए रवाना हो गया।
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पहली बार कोई राष्ट्रपति ट्रेन से चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे। वह गत 25 जून को दिल्ली से कानपुर पहुंचे थे और सोमवार को लखनऊ आए। सुबह आठ बजे ही चारबाग स्टेशन के आरक्षण केंद्र से लेकर फर्स्ट व सेकंड क्लास हॉल के प्रवेश द्वारों को यात्रियों के लिए बंद कर दिया गया था। उनकी एंट्री पार्सल घर की तरफ से थी तथा निकासी सेकंड एंट्री की ओर से दी गई थी। इसी बीच सुबह झमाझम बारिश होने लगी। राष्ट्रपति की बोगी रेड कारपेट के सामने रोकी गई। उनके स्वागत के लिए राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित रेलवे के आला अफसर भी मौजूद रहे। स्टेशन के बाहर उन्होंने 101 फिट ऊंचे लहराते तिरंगे को निहारा। यह पल ऐतिहासिक था। राष्ट्रपति के काफिले के निकल जाने के बाद यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म नंबर एक, दो, तीन सहित सभी बैरिकेडिंग खोल दी गई।
प्रेसिडेंशियल ट्रेन के साथ लेते रहे सेल्फी
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का काफिला निकल जाने के बाद प्लेटफॉर्म नंबर एक पर प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस काफी देर तक खड़ी रही। बाद में ट्रेन को वापस दिल्ली रवाना कर दिया गया। इस दौरान स्टेशन आने वाले यात्रियों के बीच प्रेसिडेंशियल ट्रेन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। यात्री, स्टेशन कर्मी और सुरक्षाबल ट्रेन के साथ सेल्फी लेते नजर आए।
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विजिटर बुक में राष्ट्रपति ने दी बधाई
चारबाग रेलवे स्टेशन पर विजिटर बुक में राष्ट्रपति ने रेलवे को सेवाओं के लिए शुभकामनाएं दीं। शुद्ध हिंदी और साहित्यिक भाषा में उन्होंने रेलवे के लिए अपने शब्दों को विजिटर बुक में उतारा और हस्ताक्षर किए।
ट्रेन के नौवें कोच में सवार थे राष्ट्रपति
प्रसिडेंशियल ट्रेन को पूरी सुरक्षा के साथ कानपुर से चारबाग रेलवे स्टेशन तक लाया गया। 460 से ज्यादा पुलिसकर्मी, जीआरपी, आरपीएफ, एसपीजी आदि सुरक्षाबल तैनात थे, वहीं ट्रेन को भी जवान एस्कॉर्ट कर रहे थे। प्रेसिडेंशियल ट्रेन में कुल 15 कोच थे, जिसमें नौंवीं बोगी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की थी। इस ट्रेन में रेलवे, पुलिस, सेनाओं से जुड़े आला अधिकारी भी सफर कर रहे थे। ट्रेन में दो इंजन थे, ताकि एक के खराब होने पर दूसरे से ट्रेन को चलाया जा सके। इसके अतिरिक्त प्रेसिडेंशियल ट्रेन के आगे एक पायलट ट्रेन चल रही थी, जिसमें एक इंजन और एक बोगी थी। इसमें रेलवे की टेक्निकल टीम के साथ आरपीएफ, जीआरपी कर्मी बैठे हुए थे। जबकि प्रेसिडेंशियल ट्रेन के पीछे एक बैकअप ट्रेन थी, जिसमें भी एक इंजन और एक बोगी थी, इसमें ट्रैक मेंटेनेंस स्टाफ और सुरक्षाकर्मी बैठे थे।
आगमन से पहले बरसे मेघ, स्टेशन के बाहर भरा पानी
राष्ट्रपति के आगमन से पूर्व झमाझम बारिश होने लगी। इससे लखनऊ जंक्शन की ओर मंदिर के बाहर पानी भर गया। वहीं चारबाग स्टेशन की पोर्टिको के बाहर और चारबाग मेट्रो के नीचे पानी भरा। हालांकि रेलकर्मियों ने प्रेसिडेंशियल ट्रेन के आने से पहले ही साफ सफाई कर दी।
जैतीपुर में फंसा ट्रक
जैतीपुर में रेलवे क्रॉसिंग पर गिट्टी से लदा एक ट्रक फंस गया। आनन-फानन रेलवे प्रशासन मौके पर पहुंचा और ट्रक को निकालने में जुट गया। कड़ी मशक्क्त के बाद ट्रक को ट्रैक से हटाया जा सका। हालांकि इससे प्रेसिडेंशियल ट्रेन के संचालन को बाधा का सामना नहीं करना पड़ा। उसके ऑपरेशन पर फर्क नहीं पड़ा।
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कब कहां पहुंची प्रेसिडेंशियल ट्रेन
स्टेशन प्रस्थान
कानपुर 10.25 बजे
कानपुर ब्रिज 10.38 बजे
मगरवारा 10.44 बजे
उन्नाव 10.48 बजे
सोनिक 10.55 बजे
अजगैन 11 बजे
जैतीपुर 11.06 बजे
हरौनी 11.15 बजे
पिपरसंड 11.22 बजे
अमौसी 11.27 बजे
मानकनगर 11.32 बजे
चारबाग 11.50 बजे
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