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UP News: निजीकरण में पर्दे के पीछे से कार्य कर रहा AIDA, विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

Tue, 12 Aug 2025 08:57 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि AIDA निजीकरण में पर्दे के पीछे से कार्य कर रहा है। पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष AIDA के महासचिव भी हैं। 
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पावर कार्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि पूर्वांचल व दक्षिणांचल निगमों के निजीकरण में ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन (एआईडीए) पर्दे के पीछे से कार्य कर रहा है। एसोसिएशन की गतिविधियों की सरकार जांच होनी चाहिए। वर्मा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजा है।

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वर्मा ने कहा कि एसोसिएशन के महासचिव पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल हैं। इसके सदस्य सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशक और निजी कंपनियों के लोग हैं। कुछ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भी निजी घरानों की कंपनियों से जुड़कर एसोसिएशन के सदस्य बन गए हैं। ऐसे में पूर्वांचल और दक्षिणांचल निगमों के निजीकरण के लिए एसोसिएशन लाबिंग (किसी को अपने पक्ष में लाना) कर रहा है। उन्होंने कहा कि निजीकरण के मसौदे में विद्युत नियामक आयोग ने कई कमियां निकाली हैं।

लाबिंग कर रहे एआईडीए के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार

उन्होंने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 पर भी सवाल उठाया। कहा, सुप्रीम कोर्ट से पारित आदेश के तहत लोक महत्व के मामले में राज्य सरकार के 108 के तहत दिए गए आदेश को मानने के लिए नियामक आयोग बाध्यकारी नहीं है, लेकिन एआईडीए के डायरेक्टर जनरल आलोक कुमार लाबिंग कर रहे हैं।

आलोक इससे पहले पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने सभी डिस्काम को पत्र लिखा है कि धारा 108 मानना बाध्यकारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि इस प्रकार की कार्यवाही के लिए क्या यह संगठन अधिकृत है? ऐसे में इस संगठन की गतिविधियों की भी जांच होनी चाहिए।

जनता पर न थोपा जाए निजीकरण : समिति

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने सांसदों एवं विधायकों को पत्र भेजकर जनता पर निजीकरण न थोपने की मांग की। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली के निजीकरण का प्रयोग विफल हो चुका है। ग्रेटर नोएडा और आगरा में बिजली के निजीकरण से पॉवर कॉर्पोरेशन को करोड़ों का नुकसान हुआ है। 

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ऐसे में पूर्वांचल और दक्षिणांचल निगमों का निजीकरण प्रस्ताव रद्द किया जाए। समिति ने कहा कि आगरा में वर्ष 2023-24 में पॉवर कॉर्पोरेशन ने 5.55 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर टोरेंट पॉवर को 4.36 रुपये प्रति यूनिट की दर पर बेचा है। इससे 274 करोड़ का नुकसान हुआ है। कुछ ऐसी ही हालत ग्रेटर नोएडा की है।

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