कोरोना के प्रकोप ने एलडीए में कर्मचारियों, अधिकारियों की उपस्थिति 15 प्रतिशत पर ला दी है। इसकी वजह यहां कोरोना का खौफ ही है जिसकी वजह से अधिकारी, कर्मचारी एलडीए परिसर में जाने तक को तैयार नहीं हैं। कोरोना का खौफ होने का कारण यह भी है कि दूसरी वेव में अब तक करीब एक दर्जन कर्मचारी, इंजीनियरों की मौत हो चुकी है। ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है जिसमें कोरोना के संक्रमित नहीं हैं।
एलडीए के कर्मचारियों के मुताबिक अधिकांश अधिकारी खुद कोरोना की वजह से प्राधिकरण नहीं आ रहे हैं। इनमें से कुछ की खुद ही तबियत खराब बनी हुई है। ऐसे में काम वैसे ही यहां नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारी एलडीए आने पर कोरोना से संक्रमित दूसरे लोगों के संपर्क में आते हैं। ऐसे में संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। यही वजह है कि कई कर्मचारी, अधिकारियों के तो पूरे परिवार तक पॉजिटिव हैं। इनमें तहसीलदार राजेश शुक्ला, मुख्य अभियंता के पीए नीरज तिवारी शामिल हैं। नीरज तिवारी की पत्नी का निधन भी दो दिन पहले हो चुका है। सोमवार को भी एलडीए में दो बाबू ज्ञान प्रकाश और विमलेंद्र त्रिवेदी का निधन कोरोना संक्रमण के बाद तबियत बिगड़ने से हो गया था।
वीसी के वापस आने से हालात सुधरने की उम्मीद
मंगलवार को वीसी अभिषेक प्रकाश के कोरोना निगेटिव होने के बाद आइसोलेशन खत्म हो गया। ऐसे में उनके वापस ड्यूटी पर आने के बाद हालात सुधरने की म्मीद कर्मचारियों को बंधी है। वीसी से कर्मचारियों ने मांग की है कि तबियत बिगड़ने पर स्टाफ के उचित अस्पताल में भर्ती कराए जाने की व्यवस्था की जानी चाहिए।