लखनऊ। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सख्त आदेश के बाद भी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवाएं लिखने से बाज नहीं आ रहे हैं। ठाकुरगंज संयुक्त अस्पताल के टीबी एंड चेस्ट विभाग में एक सप्ताह के भीतर ऐसा दूसरा मामला सामने आया है। तीमारदार की शिकायत पर सीएमएस ने जांच करवाने की बात कही है।
अस्पताल में चेस्ट फिजिशियन ने मंगलवार को ओपीडी में निदा को देखा। उनके साथ आए तीमारदार का आरोप है कि फिजिशियन ने कहा कि परचे पर लिखीं दो दवाएं अंदर से मिल जाएंगी। बाकी की दो दवाएं बाहर मेडिकल स्टोर से लेना। डॉक्टर ने मेडिकल स्टोर का नाम तक बताया।
तीमारदार ने इसकी शिकायत सीएमएस से की। खास बात यह है कि इसी विभाग के एक डॉक्टर के खिलाफ शनिवार को बाहर की दवाएं लिखने का आरोप लगा था। इसकी जांच अभी लंबित है। सीएमएस डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि मरीज के परिवारीजनों को बुलाकर बयान लिया जाएगा। जांच के बाद डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति होगी।