उत्तर प्रदेश में नीट पीजी दाखिले की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र से इसी माह काउंसिलिंग के लिए हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। इस बार काउंसिलिंग में एक अप्रैल 2023 के बाद का जाति प्रमाण पत्र दाखिल करना होगा। इस संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
प्रदेश में केजीएमयू, एसजीपीजीआई सहित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एमडी, एमएस की 1387 और एमडीएस की 46 सीटें हैं। निजी क्षेत्र के कॉलेजों में एमडी व एमएस की 1560 और एमडीएस की 651 सीटें हैं। नीट पीजी की परीक्षा हो चुकी है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक सरकारी क्षेत्र के कॉलेजों में सिर्फ यूपी के छात्रों को दाखिला दिया जाएगा, जबकि निजी क्षेत्र के कॉलेजों में किसी भी राज्य के अभ्यर्थी को दाखिला मिल सकेगा।
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इस बार ओबीसी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों के एक अप्रैल 2023 के बाद का प्रमाण पत्र देना होगा। दूसरे राज्यों से जारी प्रमाण पत्र मान्य नहीं होंगे। ऑल इंडिया के प्रारूप पर जारी प्रमाण पत्र भी मान्य नहीं होंगे। निजी क्षेत्र के कॉलेजों में आरक्षण लागू नहीं होगा।
दिव्यांगों का प्रमाण पत्र केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित केंद्रों से जारी ही मान्य होगा। सरकारी कॉलेजों में शासन की ओर से तय किया गया स्टाइपेंड दिया जाएगा, जबकि निजी कॉलेजों में स्टाइपेंड कॉलेज प्रबंधन की ओर से तय किया जाएगा। इसी तरह क्षेत्रीय नेत्र संस्थान सीतापुर में संचालित पीजी कोर्स में स्टाइपेंड का प्रावधान नहीं किया गया है।