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1990 की तर्ज पर खींचा जा रहा है धर्मसभा की तैयारियों का खाका,आरएसएस ने लगाया पूरा जोर

Fri, 23 Nov 2018 02:22 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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डेमो - फोटो : डेमो
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धर्मसभा की तारीख निकट आने के साथ ही संघ परिवार ने भीड़ को अयोध्या पहुंचाने की रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसका पूरा खाका 1990 की तर्ज पर खींचा जा रहा है। वाहन रैैलियों, प्रभातफेरियों और घर-घर संपर्क के साथ 25 नवंबर को अयोध्या जाने वालों का पूरा ब्योरा तैयार कर उन्हें टोलियों में बांटा जा रहा है।
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अयोध्या और आसपास के 200 किलोमीटर क्षेत्र को लगभग 1000 प्रखंडों में बांटकर विहिप व संघ के स्थानीय कार्यकर्ताओं को अयोध्या जाने वालों की प्रखंडवार सूची बनाने और साधनों का ब्योरा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सभा में आने वालों के लिए भोजन व जलपान की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। अराजक तत्वों के प्रवेश की आशंका दूर करने के लिए संघ व विहिप ने पुलिस के साथ अपने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी लगाने की रणनीति बनाई है। 
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मामले को लटकाया तो गंभीर हो सकते हैं परिणाम

डेमो
संघ परिवार की कोशिश धर्मसभा के जरिये यह संदेश देने की दिख रही है कि हिंदू समाज का धैर्य अब जवाब देने लगा है। वह राममंदिर पर अब ज्यादा प्रतीक्षा नहीं कर सकता। अगर इस मामले को लंबे समय तक लटकाया जाता है तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।

जैसा कि इस मामले में न्यायालय में पक्षकार सखा रामलला विराजमान त्रिलोकीनाथ पांडेय कहते भी हैं कि 29 अक्तूबर को सर्वोच्च न्यायालय का रुख हिंदू समाज को अपमानित करने वाला रहा। धर्मसभा बता देगी कि वे दिन लद गए जब हिंदू समाज अपना उत्पीड़न और अपमान चुपचाप बर्दाश्त कर लेता था। याद रहे कि 1990 में संघ ने तत्कालीन मुलायम सिंह सरकार के कड़े विरोध और मंदिर समर्थकों की धरपकड़ के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को अयोध्या पहुंचा दिया था।
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