इस प्रकरण की विवेचना शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस ने की उसके बाद सीबीआई ने विवेचना के दौरान कई चरणों में आरोप पत्र दाखिल कर 49 लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें मुख्य रूप से मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह, साध्वी ऋतंभरा, लाल कृष्ण आडवाणी, अशोक सिंघल, विष्णु हरि डालमिया, बाला साहब ठाकरे को आरोपी बनाया था।
मुकदमे के विचारण के दौरान अशोक सिंघल, विष्णु हरि डालमिया, गिरिराज किशोर, बाला साहब ठाकरे, परमहंस राम चंद्र दास एवं संत अवैद्य नाथ सहित 16 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मौजूदा समय में केवल 33 आरोपियों का विचारण विशेष अदालत द्वारा किया जाना है।
सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद इस प्रकरण को लेकर रायबरेली की विशेष अदालत में चल रहे मुकदमे को भी लखनऊ की विशेष अदालत को स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके पश्चात सभी आरोपियों के विरुद्ध 31 मई 2017 को आरोप तय किए गए थे। सीबीआई ने अपनी मुख्य चार्जशीट में 994 गवाहों की सूची अदालत में दाखिल की थी, जिसमें रायबरेली की विशेष अदालत में 57 गवाह पेश किए जा चुके थे।