प्रदेश सरकार 10 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को इस महीने के अंत तक 1000-1000 रुपये की आर्थिक सहायता फिर देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जिलाधिकारियों से श्रमिकों के बैंक एकाउंट का डिटेल मांगा गया है। दूसरे राज्यों से प्रदेश में 35 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक आए हैं। सरकार प्रति परिवार एक बार 1000 रुपये आर्थिक सहायता दे रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गत दिवस पहले चरण में 10.48 लाख प्रवासी श्रमिक परिवारों के एकाउंट में 1000-1000 रुपये इलेक्ट्रानिकली ट्रांसफर किए थे। बाकी श्रमिकों के एकाउंट संबंधी डिटेल जुटाने की कार्यवाही जिला स्तर पर चल रही है।
बताया जा रहा है कि प्रदेश में 35 लाख से अधिक जो प्रवासी श्रमिक आए हैं, उनमें 20-22 लाख परिवार होने का अनुमान है। पहले चरण में 10.34 लाख परिवारों को आर्थिक सहायता मिल चुकी है। बाकी 10 लाख से अधिक को आर्थिक सहायता दी जानी है। सचिव राजस्व संजय गोयल ने दूसरे चरण में पात्र प्रवासियों को आर्थिक सहायता दिलाने के संबंध में जिलाधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने प्रथम चरण में धनराशि ट्रांसफर किए जाने के बाद बकाया चिह्नित पात्र प्रवासियों के संबंध में डीएम से सूचना मांगी है।
जिलाधिकारियों को स्पष्ट किया गया है कि वे सुनिश्चित कर लें कि जिन लाभार्थियों को पहले चरण में धनराशि भेजी जा चुकी है, उनमें से किसी भी लाभार्थी का का नाम दोबारा न शामिल हो। अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने बताया है कि दूसरे चरण के पात्र लाभार्थियों के एकाउंट सत्यापन संबंधी कार्यवाही चल रही है। इस महीने के अंत तक इनके खाते में आर्थिक सहायता भेजने का प्रयास है।
जिनके ट्रांजेक्शन फेल, उनको भी मिलेगा
पहले चरण में कई श्रमिकों के एकाउंट में पैसा नहीं पहुंचा है। बैंक एकाउंट, आधार नंबर या आईएफएससी कोड जैसी सूचनाओं में से किसी में त्रुटि की वजह से ऐसा हुआ है। शासन ने ऐसे एकाउंट की त्रुटियां दूर कराने का निर्देश दिया है। त्रुटियां दूर होने की सूचना आते ही ऐसे किसानों के एकाउंट में भी धनराशि भेजवाने की तैयारी है।