17 जुलाई को शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित गायत्री परिवार के कार्यक्रम में शामिल होने गए थे सभी
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सोमवार सुबह मिली हादसे की जानकारी, प्रशासन ने राहत टीम की रवाना तुलसीपुर / जमुनहा (श्रावस्ती)। गुरु पूर्णिमा पर शांतिकुंज हरिद्वार में आयोजित गायत्री परिवार के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए हंसी खुशी श्रद्धालु श्रावस्ती व बहराइच से रवाना हुए थे। कार्यक्रम सकुशल संपन्न भी हुआ। रविवार रात सभी बस से घर के लिए निकले। परिवार के लोग इंतजार कर रहे थे। बच्चे इस उम्मीद में थे कि पिताजी और दादाजी खिलौने लाएंगे। प्रसाद में उत्तराखंड की बाल मिठाई भी आएगी, लेकिन सोमवार सुबह घर पहुंची तो हादसे की मनहूस खबर। देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। बदहवास सभी अपनों का कुशल क्षेम जानने में जुट गए।
रामपुर में सोमवार तड़के हुए बस हादसे में श्रावस्ती के तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई है। 26 घायल भी हुए हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। सुजान डीह गांव निवासी हरिराम की मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पत्नी सुदरपता ने बताया कि छोटे बेटे की शादी की तैयारी थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। सोमवार सुबह जैसे ही रामपुर हादसे की सूचना मिली, परिवार के सभी लोग घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। हरिराम के घर चूल्हा नहीं जला। पडोसियों ने बच्चों को भोजन कराया।
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हादसे में कथरा बाजार निवासी जगदीश गुप्ता की भी मौत हुई है। पत्नी गुड़िया ने बताया कि हमने बड़ी बेटी का विवाह किया था। बड़े बेटे का विवाह तय है। दस दिन पूर्व ही छोटे बेटे का बरीक्षा हुआ था। अभी तीन बेटों की शादी करनी है। हादसे के बाद सब बिखर गया।
वीरगंज बाजार निवासी राम मनोहर मौर्य पुत्र स्वामी दयाल के पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। अभी तीन बेटों की शादी करनी है। राम मनोहर की मौत की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। स्वजनों का रो रोकर बुरा हाल है। यही स्थिति घायल परिवारों का भी है।
सोमवार तड़के चार बजे रामपुर जिले में हरिद्वार से श्रावस्ती आ रही बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें श्रावस्ती के जगदीश, राम मनोहर व हरिराम की मृत्यु हुई है। उनके पार्थिव शरीर को यहां एंबुलेंस से लाया गया है। मामूली चोट वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार कराकर बस से श्रावस्ती लाया गया है। गंभीर घायलों का वहीं इलाज चल रहा है। अजय कुमार द्विवेदी, डीएम श्रावस्ती