उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी व वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी डाटा सेंटर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए योगी कैबिनेट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नीति-2026 को मंजूरी दे दी। इसका उद्देश्य ग्रीन व एआई रेडी डाटा सेंटरों को बढ़ावा देना, डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करना, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। सरकार ने नीति के तहत दो गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डाटा सेंटर क्षमता विकसित करने और दो लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है।
इसमें 40 मेगावाट या उससे अधिक क्षमता वाले डाटा सेंटर पार्क, 2 से 40 मेगावाट क्षमता वाली डाटा सेंटर यूनिट और एज डाटा सेंटर के लिए भूमि संबंधी सहायता, पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टांप शुल्क में छूट, बिजली शुल्क में रियायत और अन्य वित्तीय व गैर वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है।
नीति में उभरती तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए एआई कंप्यूट क्लस्टर पर विशेष फोकस किया है। नीति के तहत न्यूनतम 700 जीपीयू (एनवीडिया एच100 या समकक्ष) स्थापित करने वाले डाटा सेंटर पार्क को पूंजी अनुदान की सीमा में 10 करोड़ रुपये तथा वार्षिक परिचालन सहायता में दो करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सहायता मिलेगी।
वहीं, न्यूनतम 350 जीपीयू स्थापित करने वाली डाटा सेंटर यूनिट को पूंजी अनुदान में पांच करोड़ रुपये और वार्षिक परिचालन सहायता में 50 लाख रुपये तक अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाएगी। इससे जीपीयू आधारित एआई अवसंरचना के विकास को गति मिलेगी।