कानपुर के बिकरू कांड के बाद विकास दुबे के सहयोगियों से सांठ-गांठ के आरोप में निलंबित किए गए डीआईजी अनंत देव की जल्द बहाली होगी। इसके लिए डीजीपी मुख्यालय स्तर पर कवायद शुरू की गई है हालांकि अनंत देव की विभागीय जांच चलती रहेगी। उन्हें कोई प्राइम पोस्टिंग नहीं दी जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस महकमे में डीआईजी स्तर के अधिकारियों की कमी है। प्रदेश में डीआईजी की 50 काडर पोस्ट हैं। इतने ही एक्स काडर पोस्ट पर भी तैनात हो सकते हैं। मौजूदा समय में 31 डीआईजी ही उपलब्ध हैं। तीन डीआईजी इसी महीने रिटायर हो जाएंगे। अनंत देव पहले से निलंबित हैं। ऐसे में केवल 27 डीआईजी ही उपलब्ध हैं। हाल ही में दो डीआईजी को प्रतिनियुक्ति के लिए कार्यमुक्त किया गया है जबकि डीआईजी रैंक के दो अधिकारी निलंबित चल रहे हैं।
इसमें अनंत देव के अलावा दिनेश चंद्र दुबे हैं जो अगले महीने रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में अनंत देव को बहाल कर उन्हें साइड पोस्टिंग दिए जाने की तैयारी है। हालांकि इस पर निर्णय शासन स्तर पर होना है। दरअसल जुलाई में हुए बिकरू कांड जिसमें आठ पुलिस कर्मियों की जान चली गई थी से ठीक पहले अनंत देव का कानपुर नगर से स्थानांतरण हुआ था। उन पर विकास दुबे के सहयोगियों से सांठ-गांठ का आरोप लगा था। एसआईटी रिपोर्ट मिलने के बाद शासन ने अनंत देव को निलंबित कर दिया था।
अनंत देव के खिलाफ भाजपा नेता ने की शिकायत
कानपुर नगर के भाजपा नेता राधे श्याम पांडेय ने पूर्व में एसएसपी कानपुर नगर रहे अनंत देव के खिलाफ एक अपराधी की हिस्ट्रीशीट नष्ट करने का आरोप लगाया है। उक्त भाजपा नेता का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी की युवा मोर्चा इकाई के संदीप ठाकुर की हिस्ट्रीशीट तत्कालीन एसएसपी अनंत देव ने नष्ट कर दी थी। इस शिकायत पर शासन ने कानपुर नगर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण से टिप्पणी मांगी थी।