लखनऊ। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए ई-रिक्शा, ऑटो और टैक्सी संचालन से संबंधित नई उपविधि तीन महीनों में लागू कर दी जाएगी। उपविधि को नगर निगम ने आपत्तियों और सुझावों के लिए जारी कर दिया है। शहरवासी 15 दिनों में अपने सुझाव दे सकेंगे। इसके बाद उपविधि का प्रकाशन होगा और अंतिम रूप से लागू कर दिया जाएगा।
उपविधि लागू होने के बाद प्रतिबंधित मार्गों पर संचालन, मनमाना किराया, नशे की हालत में वाहन चलाना और सवारियों से अभद्रता जैसे मामलों पर सख्त रोक रहेगी। निर्धारित स्टैंड से ही सवारियों को बैठाया और उतारा जा सकेगा। वाहनों में मजबूत सीट, अच्छी छत, पानी-धूप से बचाव की व्यवस्था और सही लाइटें रखना अनिवार्य होगा।
ये सभी प्रावधान टैंपो टैक्सी, ई रिक्शा, ई-कार्ट्स, ई-भार वाहन विनियमन एवं नियंत्रण उपविधि 2024 में शामिल किए गए हैं, जिन्हें नगर निगम सदन पहले ही मंजूरी दे चुका है। उपविधि नगर निगम के जोनल कार्यालयों और वेबसाइट lmc.up.nic.in पर उपलब्ध है।
नियम तोड़ने पर जुर्माना और वाहन जब्ती
उपविधि के नियमों को न मानने वाले चालकों पर सीधे जुर्माना लगाया जाएगा और वाहन जब्त किया जा सकेगा। बिना लाइसेंस चल रहे ऑटो, टैंपो और ई-रिक्शा पर 20 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा। निर्धारित समय में राशि जमा न करने पर 15 दिन बाद वाहन नीलाम कर दिए जाएंगे। लाइसेंस नवीनीकरण के दौरान भार वाहन चालकों को चिकित्सकीय रूप से फिट होने का प्रमाणपत्र देना अनिवार्य होगा। संचालन समिति के सर्वे के आधार पर शहर में नए ऑटो और ई-रिक्शा स्टैंड भी तय किए जाएंगे।
स्टैंडों का संचालन ठेके पर
नगर निगम शहर में ऑटो, टैंपो और ई-रिक्शा के लिए स्टैंड बनाएगा। पिछले वर्ष 45 स्टैंड और 27 ठहराव स्थल चिह्नित किए गए थे। इनमें से पांच स्टैंडों का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में टैम्पो टैक्सी एवं ऑटो रिक्शा संयुक्त मोर्चा को दिया गया था। अब स्टैंडों का संचालन ठेके पर दिया जाएगा। इसमें टैंपो-टैक्सी का वार्षिक पंजीकरण शुल्क 1000 रुपये तय किया गया है।
लाइसेंस शुल्क (सालाना, रुपये में)
निजी ई-रिक्शा (5 सवारी) - 800
निजी ई-रिक्शा (भार वाहन) - 800
ई-रिक्शा चालक (सवारी/भार) लाइसेंस - 200
किराये का ई-रिक्शा (5 सवारी) - 800
किराये का टैंपो (6 सवारी) -1000
टैंपो चालक लाइसेंस - 800
लाइसेंस अवधि हर वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी। 31 मई तक लाइसेंस बनवाने पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। समयसीमा के बाद 20 प्रतिशत विलंब शुल्क लिया जाएगा।
नियमों के उल्लंघन पर 500 रुपये का जुर्माना और लगातार उल्लंघन करने पर 50 रुपये प्रतिदिन की अतिरिक्त पेनल्टी लगेगी। बाहरी जिलों के ऑटो और ई-रिक्शा को शहर में संचालन की अनुमति नहीं होगी। किसी भी चौराहे से 100 मीटर के दायरे में वाहन खड़ा करने पर रोक रहेगी।
संचालन समिति का गठन
उपविधि के पालन और संचालन की निगरानी के लिए समिति बनाई जाएगी, जिसमें अपर नगर आयुक्त, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), पुलिस उपायुक्त यातायात, डीएम की ओर से नामित एसडीएम, नगरीय सड़क परिवहन विभाग का प्रतिनिधि, नगर निगम का पार्किंग प्रभारी, ट्रैफिक के अधिशासी अभियंता, सभी जोनल अधिकारी और एक यातायात विशेषज्ञ शामिल होंगे।
Iउपविधि लागू करने से पहले शहरवासियों की आपत्तियां और सुझाव लिए जा रहे हैं। उन पर विचार कर अंतिम रूप दिया जाएगा। उपविधि अधिकतम तीन महीनों में लागू हो जाएगी। इसके लागू होने से शहर का यातायात काफी सुगम होगा।I
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- ओम प्रकाश सिंह, प्रभारी अधिकारी, पार्किंग, नगर निगमI