रायबरेली। शासन के निर्देश पर एक मार्च से जिले में गेहूं क्रय केंद्र खुलने थे। इसे लेकर जनवरी से तैयारी चल रही है,लेकिन पहले ही दिन अधिकतर क्रय केंद्र न खुलने से तैयारियों पर सवाल उठ गया। हालांकि पहले दिन क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा रहा।
जिले में इस वर्ष 114 क्रय केंद्र गेहूं खरीद के लिए बनाए गए हैं। जिला प्रशासन इसे लेकर जनवरी से बैठक करने के साथ क्रय केंद्रों को समय पर खोलने का दावा कर रहा हैं। बावजूद शुक्रवार को केंद्रों पर अव्यवस्था रही। अधिकतर केंद्र नहीं खुले और किसानों के बैठने, मशीन, प्रचार और अन्य व्यवस्था भी नदारत दिखी। खास बात यह है कि तहसीलों में क्रय केंद्र खोलने के लिए दुकान खोजी जा रही है और उसके बाद केंद्र खोले जाएंगे।
क्रय केंद्र पर नहीं पहुंचे कर्मचारी
बछरावां (रायबरेली)। गेहूं खरीद के लिए बनाए गए तीन क्रय केंद्रों पर शुक्रवार शाम तक कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। क्षेत्र में राजामऊ, कसरावां, कलुई खेड़ा में गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों पर खरीद का बैनर तक नहीं दिखा। किसान अमित कुमार, शिव शंकर, रामनरेश, उमाशंकर ने बताया कि गेहूं की कटाई प्रारंभ ना हो पाने के कारण खरीद केंदों पर गेहूं नहीं पहुंचा है।
किराए पर लेनी है दुकान
सतांव (रायबरेली)। ब्लॉक क्षेत्र के अन्तर्गत चार स्थानों पर क्रय केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन एक खरीद केंद्र के अतिरिक्त तीन खरीद केंद्र नहीं खुले। शुक्रवार को बी पैक्स कोरिहर केंद्र खुल सका। ढ़किया चौराहे पर बनाए गए खरीद केंद्र के प्रभारी सुमेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक वह दुकान की खोज कर रहे हैं।
गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र चिन्हित कर लिए गए हैं और उन्हें खोला भी गया है। कुछ जगहों पर दो-तीन दिन में केंद्र खोलने के निर्देश प्रभारियों को दिए गए हैं। जल्द ही सभी केंद्रों पर पूरी व्यवस्था हो जाएगी।
सोनी गुप्ता, डिप्टी आरएमओ