छोटे शहरों को अब आपात स्थिति में पीक आवर्स में बिजली आपूर्ति हो सकेगी। पावर कार्पोरेशन प्रबंधन इनवर्टर की तरह प्रदेश में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश के 22 ट्रांसमिशन उपकेंद्रों में से पांच को इसके लिए चुना गया है। इन उपकेंद्रों में 10 मेगावाट क्षमता के बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाए जाएंगे।
फिलहाल इसके लिए इटावा, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और गाजियाबाद के ट्रांसमिशन उपकेंद्रों का चयन किया गया है। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने इस परियोजना को हरीझंडी दे दी है। इस सिस्टम के चालू हो जाने के बाद बिजली कं पनियों पर पीक आवर्स में महंगी बिजली खरीद का बोझ कम होगा।
छोटे शहरों में खास तौर पर पीक आवर्स में बिजली की किल्लत दूर करने के लिए पावर कार्पोरेशन ने बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाने की परियोजना के लिए नियामक आयोग में याचिका दाखिल की थी। पहले चरण में 10-10 मेगावाट के पांच प्रोजेक्ट लगाने का प्रस्ताव है। सुबह और शाम चार-चार घंटे की चार्जिंग के बाद इस सिस्टम से आपूर्ति की जा सकेगी।
नियामक आयोग ने पावर कार्पोरेशन की इस याचिका को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक दिन में जब सस्ती उपलब्ध रहेगी तब स्टोरेज सिस्टम को चार्ज किया जाएगा और शाम को पीक आवर्स में इससे आपूर्ति की जाएगी। नियामक आयोग की ओर से जारी आदेश केअनुसार परियोजना प्रतिस्पर्धात्मक बिडिंग के माध्यम से लगाई जाएगी।