लखनऊ। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) से बजट मिलने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाले सत्र में ई वाउचर नहीं बनाए जा रहे हैं। इस कारण यह है कि नई व्यवस्था में निजी केंद्रों को ऑफलाइन भुगतान की व्यवस्था की गई है, जिसमें संचालक आनाकानी कर रहे हैं। इस कारण गर्भवती महिलाओं को निजी केंद्रों पर शुल्क देकर अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सभी सीएचसी पर हर महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को सत्र लगता है। इसमें गर्भवतियों के निशुल्क इलाज, अल्ट्रासाउंड के लिए ई वाउचर बनाए जाते हैं। इनके जरिये गर्भवती नजदीकी केंद्र पर मुफ्त जांच कराती थीं। बजट के अभाव में योजना छह माह से बंद थी। एनएचएम के जरिये बीते सप्ताह बजट जारी किया था। इस बार निजी केंद्रों को ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन भुगतान का नियम रखा गया। निजी केंद्र इस तरह से भुगतान लेने में आनाकानी कर रहे हैं। इस कारण अब ई वाउचर नहीं बनाए जा रहे हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि निजी केंद्रों से बात करके समस्या का समाधान निकाला जाएगा।