स्वाइन फ्लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। दो और स्वाइन फ्लू पीड़ितों की मौत मंगलवार को हो गई। राजधानी में स्वाइन फ्लू से मरने वालों का आंकड़ा पांच हो गया है। जबकि 22 नए मरीजों में बीमारी की पुष्टि होने पर स्वाइन फ्लू मरीजों का सरकारी आंकड़ा 152 तक पहुंच गया है।
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बुद्धेश्वर चौराहे केपास रहने वाली 65 वर्षीय महिला को करीब 20 दिनों से खांसी जुकाम व बुखार की समस्या थी। उन्हें 15 दिन पहले केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। जांच में स्वाइन फलू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से उनका इलाज केजीएमयू में चल रहा था।
मंगलवार इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरा मरीज गोरखपुर का था। 63 वर्षीय बुजुर्ग का भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद कई दिनों से केजीएमयू में इलाज चल रहा था। मंगलवार को उनकी भी मौत हो गई।
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उधर, मंगलवार को जो 22 मामले सामने आए हैं, उनमें केजीएमयू में हुई जांच में स्वाइन फ्लू के छह और पीजीआई की रिपोर्ट में 16 मरीजों में एच1एन1 वायरस की पुष्टि हुई है।
इनको हुई स्वाइन फ्लू की पुष्टि
Swine Flu
जिन मरीजों में मंगलवार स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है उनमें आशियाना की 62 वर्षीय महिला, वृंदावन कॉलोनी का चार वर्षीय मासूम, तेलीबाग का 36 वर्षीय पुरुष, विकास नगर की 48 वर्षीय महिला, आलमबाग का 33 वर्षीय युवक, तेलीबाग के 61 वर्षीय बुजुर्ग, सरोजिनीनगर की तीन वर्षीय बच्ची, मवय्या के 45 वर्षीय पुरुष,
एलडीए कॉलोनी के 26 वर्षीय युवक, आशियाना की छह वर्षीय मासूम, रायबरेली रोड के 52 वर्षीय पुरुष, पीजीआई कैंपस के 43 वर्षीय पुरुष, इंदिरानगर के 48 वर्षीय पुरुष, मवय्या की तीन वर्षीय मासूम, एलउीए कॉलोनी की 15 वर्षीय किशोरी,
शारदा नगर के चार वर्षीय मासूम, मोहनलालगंज के 23 वर्षीय युवक, सआदतगंज के एक वर्षीय मासूम, सीतापुरद रोड व पाटा नाला के 30 वर्षीय युवक, दुबग्गा की 38 वर्षीय महिला व गोमतीनगर की 24 वर्षीय महिला शामिल हैं।
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
- किसी से हाथ मिलाने व गले मिलने से परहेज करें।
- अपने मुंह व नाक को हाथ से न छुएं
- स्वाइन फ्लू पीड़ित व्यक्ति से कम स कम तीन फीट की दूरी रखें।
- हाथों को साबुन व गुनगुने पानी से धोते रहें।
- खांसी व छींक आने पर मुंह को साफ कपड़े, रुमाल, टिशु से ढकें।
- फ्लू जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें
- अधिक मात्रा में पानी व पेय पदार्थ पिएं
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पोषक आहार लें
- खुद इलाज न करें, पूरी नींद लें