फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतीक की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: फेफड़ों में जमा खून का थक्का, हृदय गति रुकी, थमी सांसें; पढ़ें क्या लिखा

Wed, 13 May 2026 04:37 PM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

Prateek Yadav की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनकी मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स और पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म के कारण हुई। डॉक्टरों के मुताबिक फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जमने से सांस लेने में गंभीर दिक्कत हुई और हृदय की गति रुक गई। रिपोर्ट के अनुसार शव का रंग नीला पड़ गया था, जबकि हार्ट और विसरा सुरक्षित रखे गए हैं।
विज्ञापन
प्रतीक यादव - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव की मौत हो चुकी है। इसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें मौत का असली कारण पता चला है। जो चौंकाने वाला है। डॉक्टरों के अनुसार, प्रतीक यादव की हृदय गति रुक गई थी। साथ ही उनके फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में खून के थक्के जम गए थे।

विज्ञापन


जिस वजह से उनको सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। इस वजह से उनकी मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार, उनके शरीर का रंग पूरी तरह से नीला पड़ चुका है। उनके शरीर का वजन काफी बढ़ गया था। इस वजह से उनके हार्ट और विसरा को सुरक्षित रख दिया गया है। 

पढ़ें रिपोर्ट में क्या-क्या लिखा 

प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह पल्मोनरी एम्बोलिज्म सामने आई है। जांच में पता चला कि शरीर में बना खून का थक्का फेफड़ों की धमनियों में जाकर फंस गया था। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहा जाता है, जिसमें फेफड़ों तक खून और ऑक्सीजन का प्रवाह अचानक रुक जाता है।



रिपोर्ट के मुताबिक, खून का बड़ा क्लॉट फेफड़ों की मुख्य धमनी में पहुंचने से सांस लेने की प्रक्रिया अचानक प्रभावित हुई। ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से दिल के दाहिने हिस्से पर अत्यधिक दबाव पड़ा और कुछ ही मिनटों में हालत गंभीर हो गई। डॉक्टरों का कहना है कि बड़े क्लॉट की वजह से अचानक सांसें थम गईं, जिससे प्रतीक यादव की मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद परिवार और समर्थकों में शोक का माहौल है।

जानें एसोसिएट डायरेक्टर ने क्या कहा

डॉ. रुचिता शर्मा, एसोसिएट डायरेक्टर, विभाग ऑफ मेडिसिन ने बताया कि प्रतीक यादव के निधन की खबर मिली है, जिससे हम सभी बेहद दुखी हैं। वे हमारे यहां लंबे समय से इलाजरत मरीज थे। 



मैं काफी समय से प्रतीक यादव का उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) और हाइपरटेंशन का इलाज कर रही थी। कुछ दिन पहले उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों में ब्लड क्लॉट) की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती किया गया था। 

इस बीमारी में ब्लड क्लॉट फेफड़ों की धमनियों में जाकर रुक जाता है, जिससे हृदय का कार्य प्रभावित हो जाता है। वे सांस फूलने और सांस संबंधी समस्याओं की शिकायत लेकर आए थे, जिसके बाद उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म का निदान किया गया। 

यह स्थिति स्वभाव से ही गंभीर होती है और जानलेवा साबित हो सकती है। प्रतीक यादव ब्लड थिनर दवाओं पर थे और वे अपने बीमारी से पूरी तरह अवगत थे। वे नियमित रूप से अपनी ब्लड प्रेशर की दवाएं लेते थे।डॉक्टर ने आगे बताया कि प्रतीक यादव के निधन से पूरा मेडिकल स्टाफ स्तब्ध है। अस्पताल प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
विज्ञापन

38 की उम्र में प्रतीक यादव की अचानक मौत - फोटो : अमर उजाला

दोस्त पहले बोला शरीर नीला, फिर पलटा 

प्रतीक के साथ ही जिम करने वाले एक युवक अंकित ने पहले कहा कि प्रतीक यादव की बॉडी नीली पड़ गई थी फिर वो अपने बयान से मुकर गया और कहा कि मैंने कुछ भी नहीं कहा है। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सुबह ही केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रतीक अपनी मेहनत से बहुत कुछ हासिल करना चाहता था। वो अब हमारे बीच नहीं है। ये दुखद है।

वहीं, सपा नेता व लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मल्होत्रा ने कहा कि मैंने डॉक्टरों से बात की और पूछा कि पोस्टमार्टम क्यों किया जा रहा है तो उन्होंने कहा कि जब मौत संदिग्ध होती है तो ऐसा किया जाता है। उन्होंने कहा कि मामले में बताया जा रहा है कि प्रतीक का शव नीला पड़ गया था। हालांकि, अभी तक कुछ भी आधिकारिक तौर पर नहीं कहा गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें