हृदय गति रुकने की वजह से जान गंवाने वाले प्रतीक यादव को हायपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) के साथ ही खून का थक्का बनने की भी समस्या थी। मेदांता अस्पताल में इसका इलाज चल रहा था। 29 अप्रैल को सांस लेने में समस्या होने पर प्रतीक यादव अंतिम बार मेदांता अस्पताल पहुंचे थे।
मेदांता अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक और इंटरनल मेडिसिन विभाग की डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि 29 अप्रैल को जांच में थक्का बनने के साथ ही दिल संबंधी समस्या की पुष्टि भी हुई थी। खून का थक्का बनने की समस्या को डीप वेन थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है। यह थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए तो जानलेवा साबित हो सकती है। उधर प्रतीक यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी फेफड़े से खून का थक्का दिल में जाकर फंसने की वजह से मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि विस्तृत जांच के लिए विसरा और दिल सुरक्षित रखा गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रतीक यादव के शरीर पर चोट के कुल छह निशान मिले। ये चोट के निशान करीब सात से दस दिन पुराने बताए जा रहे हैं। इनमें से कोई भी चोट गंभीर नहीं थी। डॉक्टरों का मानना था कि ये चोट हृदय गति रुकने की वजह नहीं हो सकते हैं।
पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि अर्पित करते सीएम योगी।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के संरक्षक के बेटे एवं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन पर शोक जताया है। योगी और वित्त मंत्री सुरेश खन्ना दोपहर में अपर्णा यादव के घर भी पहुंचे और प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने अपर्णा, उनकी बेटियों व अन्य परिजनों को ढांढस भी बंधाया। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त मंत्री पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने भी अपर्णा के घर जाकर संवेदना व्यक्त की।
सीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री, पद्म विभूषण स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के पुत्र एवं राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का आकस्मिक निधन दुःखद है। इसके अलावा विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और कई मंत्रियों ने भी प्रतीक यादव के निधन पर शोक व्यक्त किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुख की घड़ी में कांग्रेस परिवार पूरी संवेदना के साथ शोकाकुल परिवार के साथ है।
प्रतीक यादव की मौत राज।
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प्रतीक यादव के आकस्मिक निधन के बाद विक्रमादित्य मार्ग सि्थत उनके आवास पर सुबह से ही संवेदना व्यक्त करने वालों का हुजूम उमड़ पड़ा। दो सौ मीटर तक प्रतीक के चाहने वालों का तांता लगा रहा। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए और मुख्य द्वार से लेकर दो सौ मीटर तक पुलिस तैनात रही।
सुबह आठ बजे से ही प्रतीक यादव के आवास पर रिश्तेदारों, करीबियों और समर्थकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आवास के मुख्य द्वार से करीब सौ मीटर तक लोगों की लंबी कतारें लगी रहीं। हर चेहरा गमगीन था और हर आंख नम। दोपहर दो बजे जब प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा, तो वहां मौजूद लोगों का सब्र जवाब दे गया।
परिजनों की चीख-पुकार और समर्थकों के सिसकियों सुनाई दे रही थी। सुबह से लेकर शाम तक मुख्य द्वार बंद रहा। किसी विशिष्ट के आने पर ही द्वार को कुछ मिनट के लिए सिर्फ खोला जा रहा था। दुख की इस घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने के लिए शहर की मेयर सुषमा खर्कवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान, व आयोग की कई अन्य सदस्य उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के आवास पहुंचीं। घर के अंदर और बाहर लोगों की भारी भीड़ यह बताने के लिए काफी थी कि प्रतीक यादव का जुड़ाव लोगों से कितना गहरा था
इस दुख की घड़ी में अपर्णा यादव को ढांढस बंधाने के लिए उनकी मां अंबी बिष्ट सुबह ही आवास पर पहुंच गईं। उनकी नम आंखें चेहरे की उदासी दुख को व्यक्त कर रही थी। वहीं, दोपहर करीब दो बजे अपर्णा यादव अपने आवास पर पहुंची।
प्रतीक और अपर्णा की पहली मुलाकात कैसे हुई
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प्रतीक ने 19 जनवरी को आठ घंटे में दो पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा कर अपर्णा को स्वार्थी और परिवार तोड़ने वाली बताते हुए तलाक लेने की घोषणा की थी। इस पर कुछ दिनों तक अपर्णा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। हालांकि, एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए उन्होंने इसे साजिश का हिस्सा बताया था और पर्दाफाश करने की बात कही थी। प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में कहा था कि
मैं इस स्वार्थी औरत से जल्द से जल्द तलाक लेने जा रहा हूं। इसने मेरे पारिवारिक रिश्ते बर्बाद कर दिए। इसका एकमात्र लक्ष्य है मशहूर और प्रभावशाली बनना। इस समय मेरी मानसिक स्थिति बहुत खराब है। इसे कोई परवाह नहीं। इसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने कभी ऐसी बुरी आत्मा नहीं देखी। मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने इससे शादी की। उन्होंने शाम सात बजे एक और पोस्ट किया। इसमें बच्चों की कसम खाते हुए अपर्णा को जिंदगी में देखी गई सबसे बड़ी झूठी महिला बताया था। हालांकि 28 जनवरी को उन्होंने एक और पोस्ट कर विवाद पर विराम लगा दिया था। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि परिवार को चैंपियनों का परिवार बताते हुए लिखा कि चैंपियन वही होते हैं जो अपनी व्यक्तिगत और व्यावसायिक समस्याओं को सुलझा लेते हैं।