सूत्रों का कहना है कि डीजीपी ओपी सिंह ने एसोसिएशन के लोगों से बात करने की जिम्मेदारी एडीजी प्रशासन हरिराम शर्मा को सौंपी थी। हरिराम ने एसोसिएशन के लोगों को बातचीत के लिए बुलाया भी, लेकिन एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आने से इनकार कर दिया। सूत्रों का दावा है कि अध्यक्ष का पद खाली होने से कोई भी पीपीएस अफसर खुलकर आईपीएस अधिकारियों से न तो मोर्चा लेना चाहता है और न ही खुलकर सामने आना चाहता है।
एसोसिएशन से जुड़े एक सदस्य ने कहा कि यह पुलिस वीक नहीं, बल्कि आईपीएस वीक हो रही है। न तो पीपीएस एसोसिएशन की कोई मांगे मानी जाती हैं और न ही मुख्य कार्यक्रमों में पीपीएस अफसरों की कोई भागीदारी होती है।
पीपीएस का काम आईपीएस अफसरों की सेवा सत्कार तक सीमित रहता है। वीक में प्रतिभाग के नाम पर सिर्फ जनरल बॉडी की एक घंटे की वार्षिक बैठक होती है। इसमें प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी पहुंचते रहे हैं। लेकिन पिछले पुलिस वीक में यह परंपरा भी टूट गई और प्रमुख सचिव गृह पीपीएस अधिकारियों की बैठक में भी नहीं पहुंचे थे।
एसोसिएशन से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष पुलिस वीक में पीपीएस एसोसिएशन की बैठक के दौरान डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने भरोसा दिलाया था कि वह 10 दिन के अंदर एसोसिएशन के अधिकारियों के साथ बैठ कर उनकी समस्या का समाधान करेंगे।
एसोसिएशन द्वारा डीजीपी से कई बार समय मांगा गया, लेकिन उन्होंने समय नहीं दिया। इसी दौरान एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा को कमजोर बताया जाने लगा, जिससे क्षुब्ध होकर अध्यक्ष ने अपने से इस्तीफा दे दिया। हालांकि अध्यक्ष ने इसे निजी कारण बताया था।
इस बीच निजी कारणों का हवाला देते हुए पीपीएस एसोसिएशन के महासचिव दिनेश यादव और उपाध्यक्ष दिनेश कुमार पुरी ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। दिनेश यादव ने वरिष्ठ उपाध्यक्ष को सौंपे गए अपने इस्तीफे में लिखा है कि ‘निजी कारणों से अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रहा हूं, इसलिए प्रांतीय पुलिस सेवा संघ के महासचिव के पद से इस्तीफा दे रहा हूं।’
अजय मिश्रा के इस्तीफे के बाद से पीपीएस एसोसिएशन का कार्यकारी अध्यक्ष कौन है? इसकी जानकारी एसोसिएशन के मौजूदा पदाधिकारियों को भी नहीं है। एसोसिएशन के एक धड़े का कहना है कि अध्यक्ष के इस्तीफा देते ही कार्यकारिणी भंग हो चुकी है।
अभी नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं हुआ है, इसलिए मौजूदा समय कोई एसोसिएशन ही नहीं है। लेकिन दूसरा धड़ा लखनऊ में एसपी पूर्वी सर्वेश मिश्रा को कार्यकारी अध्यक्ष बता रहा है। जबकि सर्वेश का कहना है कि वे एसोसिएशन के पदेन सदस्य हैं इसलिए वे अध्यक्ष हो ही नहीं सकते।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष शहाब रशीद खान प्रमोशन होने के बाद भारतीय पुलिस सेवा के सदस्य हो गए हैं, इसलिए उनका भी अब एसोसिएशन से कोई वास्ता नहीं है। दूसरे वरिष्ठ उपाध्यक्ष हबीबुल हसन का कहना है कि एसोसिएशन का चुनाव होने तक निवर्तमान अध्यक्ष ही कार्यकारी अध्यक्ष होता है। उधर, अजय का कहना है कि उन्होंने 6 दिसंबर को अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं, इसलिए अब उनका एसोसिएशन से कोई वास्ता नहीं है।