पीपीएस अधिकारियों को समय से प्रमोशन न मिलने से एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर की है। बुधवार को इसके लिए पीपीएस एसोसिएशन की बैठक हुई। इस बैठक में प्रमोशन के साथ साथ वेतन विसंगतियों का भी मामला उठा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि वेतन विसंगतियों को लेकर एसोसिएशन के पदाधिकारी जल्द ही प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से मुलाकात करेंगे और अपनी मांगों को अधिकारियों के सामने रखेंगे।
अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष नौ पीपीएस अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक के पद से ही रिटायर हो रहे है, जिसमे अरुण पाण्डेय, कुशहर, जगदीश शर्मा, विजय कुमार गौतम, जगदीश सिंह, अजय कुमार सहदेव, मान सिंह चौहान, विसर्जन सिंह यादव और मंशाराम गौतम शामिल है।
आईपीएस के पद पर पहुचें बिना रिटायर होने वाले पीपीएस अधिकारियों की बढ़ती संख्या चिंता का विषय है। प्रदेश में पीपीएस अधिकारियों का 1310 का कैडर है, अपने हक को लेकर पीपीएस एसोसियशन कई बार अपनी आवाज उठा चुका है।
इस बार पुलिस वीक के दौरान एसोसिएशन की बैठक में शासन के अधिकारियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, इस पर एसोसिएशन ने नाराजगी जाहिर की थी।
आरोप यह भी है आईपीएस लॉबी भी पीपीएस पर हावी हो रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर भी सीधी भर्ती वाले आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। पहले जहां बड़े जिलों में यह व्यवस्था थी, अब छोटे जिलों में भी इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि वेतन विसंगतियां भी एक बड़ा मुद्दा है। इसको लेकर पुलिस वीक के दौरान अधिकारियों ने प्रजेंटेशन भी किया था लेकिन उस पर सरकार के स्तर पर अब तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में पीपीएस अफसरों के साथ हो रहे भेदभाव से पीपीएस अधिकारियों का मनोबल गिर रहा है।