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अब महंगाई का 'करंट' मारेगी बिजली!

Thu, 05 Jun 2014 10:26 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्य विद्युत नियामक आयोग वर्ष 2014-15 के लिए नई बिजली दरों के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। जिसमें घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों के बढ़ने की पूरी संभवना है।
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आयोग ने बुधवार को बिजली कंपनियों की तरफ से पावर कॉर्पोरेशन द्वारा दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) व टैरिफ प्रस्ताव को सशर्त स्वीकार करके तीन दिन में प्रमुख समाचार पत्रों में प्रस्तावित दरों और उससे संबंधित अन्य जानकारियों को सार्वजनिक प्रकाशन कराने को कहा है।

आयोग ने शर्त रखी है कि जनसुनवाई शुरू होने से पहले बिजली कंपनियां निजी घरानों से महंगी बिजली खरीद तथा अन्य बिंदुओं पर लंबित सूचनाएं मुहैया कराएंगी।

15 दिनों में होगी सुनवाई

15 दिन के भीतर आयोग वितरण निगमवार जनसुनवाई की तिथियां तय करेगा। जुलाई के पहले सप्ताह तक जनसुनवाई पूरी करके अंतिम सप्ताह तक आयोग टैरिफ आर्डर जारी कर सकता है।

यह पहला मौका है जब आयोग ने सशर्त एआरआर व टैरिफ प्रस्ताव स्वीकार किया है। आयोग द्वारा बुधवार को औपचारिक रूप से एआरआर व टैरिफ प्रस्ताव स्वीकार कर लिए जाने के बाद प्रदेश में नई दरों का रास्ता साफ हो गया है।

अगर जुलाई तक सारी कार्यवाही पूरी कर ली जाती है तो 1 अगस्त से नई दरें प्रभावी हो सकती हैं।

कॉर्पोरेशन के जवाब से संतुष्ट नहीं आयोग

वैसे आयोग ने बिजली दरों के निर्धारण के लिए सारी औपचारिकताएं तकरीबन पूरी कर ली हैं। अब केवल सार्वजनिक प्रकाशन और जनसुनवाई की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जानी है।

बजाज हिंदुस्तान और रिलायंस के बिजलीघरों से महंगी बिजली खरीद समेत कई अन्य मुद्दों पर कॉर्पोरेशन अभी तक आयोग को वाजिब जवाब देकर संतुष्ट नहीं कर पाया है।

इसलिए आयोग ने प्रस्ताव स्वीकार करते हुए यह शर्त भी लगा दी है कि निर्धारित समयावधि में जवाब न मिलने पर आयोग अपने स्तर पर भी कोई निर्णय कर सकता है।

तीन दिन में प्रस्तावित दरों का प्रकाशन

आयोग की ओर से प्रस्ताव स्वीकार करने संबंधी आदेश जारी कर दिए जाने के बाद अब कॉर्पोरेशन की ओर से तीन दिन के भीतर प्रमुख समाचार पत्रों में प्रस्तावित दरों, एआरआर का ब्यौरा तथा अन्य संबंधित सूचनाओं का प्रकाशन कराकर लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे।

उपभोक्ता व उपभोक्ता संगठन आयोग को लिखित आपत्तियां व सुझाव भेजने के साथ-साथ जनसुनवाई में भी अपना पक्ष रख सकेंगे।

सभी विद्युत वितरण निगमों में होगी जनसुनवाई
एआरआर व टैरिफ प्रस्ताव स्वीकार करने के साथ ही आयोग जनसुनवाई की तारीखें तय करने की कवायद में जुट गया है। मध्यांचल, पूर्वांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल के अलावा नोएडा में आयोग जनसुनवाई करेगा।

आयोग के सूत्रों का कहना है कि एक-दो दिन के भीतर तारीखें तय कर दी जाएंगी। 20 जून से जनसुनवाई शुरू होने की संभावना है। विद्युत अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत प्रस्ताव स्वीकार होने के 120 दिन के अंदर आयोग को सारी कार्यवाही पूरी करनी है।

घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगी महंगी बिजली

पावर कॉर्पोरेशन की ओर से दाखिल टैरिफ प्रस्ताव में घरेलू बिजली दरों में भारी वृद्धि प्रस्तावित की गई है। वैसे तो कुल मिलाकर औसतन 10 फीसदी वृद्धि प्रस्तावित की गई है, लेकिन घरेलू बिजली दरों में 30-35 फीसदी तक की बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है।

100 यूनिट तक चार रुपये प्रति यूनिट, 101 से 300 यूनिट तक 4.50, 301 से 500 यूनिट तक पांच रुपये तथा 500 यूनिट से अधिक के लिए 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर प्रस्तावित है। बीपीएल श्रेणी को अब 100 के बजाय 50 यूनिट बिजली ही रियायती दर पर देने का प्रस्ताव है।

इसी तरह वाणिज्यिक श्रेणी की दरें छह रुपये से लेकर 7.10 रुपये प्रति यूनिट तक प्रस्तावित की गई हैं। आयोग के समक्ष 43,393 करोड़ रुपये का एआरआर दाखिल किया गया है। इसमें सरकार की ओर से दी जाने वाली 5,417 करोड़ की सब्सिडी भी शामिल है।

7,725 करोड़ रुपये के घाटे के एआरआर में कॉर्पोरेशन ने अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए दक्षता में सुधार, लाइन हानियों में करीब दो फीसदी की कमी करने की बात कहते हुए दरों में औसतन 10 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी आयोग को सौंपा है। दरों में बढ़ोतरी से लगभग 3000 करोड़ रुपये अतिरिक्त आमदनी का अनुमान लगाया गया है।
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बिजली कंपनियों पर कसेगा शिकंजा

घाटे के नाम पर हर साल दरें बढ़वाने की कोशिश में लगी रहने वाली बिजली कंपनियों पर आयोग इस बार शिकंजा कसने की तैयारी में है। इस बार बिजली कंपनियों की परफारमेंस को दरों से सीधे जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।

आयोग की ओर से राजस्व, उपभोक्ता सेवा, बिजली उत्पादन, बिजली खरीद, चोरी रोकने के लिए लक्ष्य तय कि ए जाएंगे। निर्धारित लक्ष्य पूरा न करने पर अगले साल दरों में वृद्धि का अनुमति नहीं दी जाएगी।

उपभोक्ता परिषद करेगा दरों में वृद्धि का विरोध
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने जनसुनवाई में बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी का पुरजोर विरोध करने का ऐलान किया है।

परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने कहा है कि इस बार बिजली कंपनियों द्वारा जो बिजली दर प्रस्तावित की गई है यदि उसमें पावर कॉर्पोरेशन सफल हो गया तो घरेलू किसानों व ग्रामीणों पर बड़ा बोझ बढ़ेगा। परिषद उपभोक्ताओं के हित में अंतिम चरण तक लड़ाई लड़ेगा और किसी भी सूरत में बिजली दर बढ़ने नहीं देगा।
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