रायबरेली। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली का संकट बढ़ गया है। इमरजेंसी और फाल्ट के बहाने सोमवार को पांच से 10 घंटे तक बिजली कटौती हुई। शहर में सुबह चार से सात बजे तक बिजली न आने से लोग बेहाल रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में जब चाहा तब बिजली काट दी जा रही है। कई क्षेत्रों में दिनभर बिजली गुल रही। ऐसे में लोग गर्मी से बेहाल रहे तो अफसर बेपरवाह बने हुए हैं।
शहर से लेकर गांव तक 24 घंटे बिजली देने का रोस्टर है, लेकिन शायद ही ऐसा कोई दिन रहा होगा, जब 24 घंटे बिजली मिली हो। गर्मी बढ़ने के बाद तो स्थिति और भी खराब हो गई है। सोमवार को तड़के चार बजे शहर के कई मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। इंतजार करते करते सात बज गए। ऐसे में लोगों की दिनचर्या तक प्रभावित रही।
ग्रामीण क्षेत्र के कठगर विद्युत उपकेंद्र जुड़े उपभोक्ताओं को बमुश्किल आठ से 10 घंटे बिजली मिल रही है। इसी तरह जगतपुर उपकेंद्र से भी रात में एक-एक घंटे तक कई बार बिजली काटी जा रही है। कहीं फाल्ट का बहाना करके तो कहीं इमरजेंसी कटौती दिखाकर बिजली गुल की जा रही है। अधीक्षक अभियंता आरएन सरोज का कहना है कि जितनी बिजली मिल रही है, वह दी जा रही है। अघोषित कटौती ऊपर से हो रही है।
ओवरलोड से 25 दिन में फुंक गए 100 ट्रांसफार्मर
जिले में ओवरलोड की वजह से 25 दिन में 100 से ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंक गए। कहीं केबल फुंक रही हैं तो कहीं ट्रांसफार्मरों के दगा देने से लोग गर्मी से बेहाल हो रहे हैं। बछरावां के हसनगंज गांव के निकट लगा ट्रांसफार्मर शनिवार की रात 12 बजे जल गया। इससे 400 घरों की बिजली गुल हो गई।
जगतपुर में 20 हजार उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली नहीं मिल रही है। राधेश्याम, हीरालाल, विपिन कुमार ने बताया बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है। जगतपुर के ओमनगर में ज्यादा क्षमता को ट्रांसफार्मर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अब भरपूर बिजली मिलने की उम्मीद है।