लखनऊ। एफसीआई उपकेंद्र के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण मोहान रोड के जाहिदनगर, प्रभातपुरम सहित छह मोहल्ले की बिजली बुधवार को नौ घंटे गुल रही। इससे 1,700 परिवारों और व्यापारियों को पानी के लिए भी तरसना पड़ा। दरअसल, एक लाइन पहले से ही फॉल्ट में थी, दूसरी में बुधवार सुबह दिक्कत आ गई थी।
यह संकट भूमिगत केबल में सुबह चार बजे आए फॉल्ट के कारण उत्पन्न हुआ था। उपभोक्ताओं ने उपकेंद्र पर शिकायत की तो कर्मियों ने जवाब दिया कि 30 मिनट में बिजली चालू हो जाएगी, मगर बिजली दोपहर एक बजे चालू हुई। उपभोक्ताओं ने बताया कि सुबह छह बजे शिकायत दर्ज कराने के बाद कर्मचारी चार घंटे बाद 11 बजे आए, तब काम शुरू हुआ। जबकि इन उपभोक्ताओं के बिजली संकट को दूर करने के लिए प्रबंधन ने वैकल्पिक स्रोत की केबल पहले से बिछा रखी थी, मगर उसमें पहले से ही फॉल्ट था। अगर यह फॉल्ट सही कर लिया जाता तो नौ घंटे की जगह महज 20 मिनट ही बिजली संकट से रूबरू होना पड़ता। अधिशासी अभियंता अमित आनंद ने बताया कि लापरवाहों पर कार्रवाई होगी।
नेहरू एन्क्लेव के 200 घरों में संकट
विश्वासखंड उपकेंद्र के नेहरू एन्क्लेव में बुधवार दोपहर अचानक लाइन में फॉल्ट आ गया। इससे 200 घरों की करीब दो घंटे तक बिजली ठप रही। एसडीओ शुभम सिंह ने बताया कि दोपहर 3:30 से शाम 5:30 बजे तक महज दो ट्रांसफार्मर की बिजली बंद रही, जबकि अन्य उपभोक्ताओं की दूसरे स्रोत से बिजली चालू कर दी गई था।
8500 उपभोक्ताओं के सर्विस केबल में स्पार्किंग
शहर से गांव तक बीते मंगलवार शाम चार से बुधवार सुबह 10 बजे तक 8,500 उपभोक्ताओं के सर्विस केबल में स्पार्किंग हुई। यानी बारिश के कारण सर्विस केबल खंभे से ढीले हो गए थे। इससे पांच से 12 घंटे तक बिजली गुल रही। इस पर लखनऊ मध्य जोन के 1,900 से ज्यादा उपभोक्ताओं ने 1912 पर शिकायत दर्ज कराई, जबकि 1500 शिकायतकर्ता जानकीपुरम जोन के हैं। शिकायतों के मुकाबले संविदा कर्मियों की तादाद कम होने से समस्या के समाधान में देर लगी।
90 गांवों में आठ घंटे बिजली गुल
समेसी उपकेंद्र के 90 गांवों की बिजली आपूर्ति आठ घंटे तक ठप रही। इससे समेसी, रामबक्शखेड़ा, कमालपुर बिचलिका, रसूलपुर, जुगराजखेड़ा, इब्राहिमाबाद, भवानीखेड़ा, शुकलवा, पटवाखेड़ा, केवली, अचलीखेड़ा, करोरा भोरा, मितौली,तमोरिया आदि गांव के उपभोक्ता मंगलवार रात एक से बुधवार सुबह नौ बजे तक परेशान रहे। जेई आशीष कुमार ने बताया कि बारिश के कारण लाइनों में फाॅल्ट आने से संकट हुआ था।